पत्नी ने ही दो लाख रुपये देकर अपने प्रेमी से कराया पति का कत्ल, प्रेमी ने फरसे से हमला कर सिर को धड़ से किया अलग।
- आरोपी ने हत्या के बाद फरसे को घर में फेंका, प्रेमिका को फोन कर दी जानकारी, प्रेमिका ने फरसे को धोकर घर में छिपाया।
जबलपुर। पनागर के मचला गांव निवासी 40 वर्षीय नरेश मिश्रा की हत्या उसकी पत्नी उषा मिश्रा कुशवाहा ने कराई थी। गांव के अखिलेश विश्वकर्मा को उसने दो लाख रुपए की सुपारी और फरसा दिया था। आरोपी ने साजिश के तहत एक दिन पहले ही फरसा घटनास्थल के पास छुपा दिया था। 10 जनवरी को आरोपी ने कॉल कर बुलाया। साथ में शराब पिलाई। इसके बाद उसकी गर्दन उड़ा दी। हत्या के बाद उषा को फोन कर काम होने की जानकारी दी और हत्या में प्रयुक्त फरसा उसके आंगन में फेंक दिया था। उषा ने फरसा धुल कर घर में छुपा दिया था। पुलिस के मुताबिक, मामला 7 साल पीछे से शुरू होता है। तब नरेश मिश्रा ट्रक ड्राइवर हुआ करता था। उसका कटनी के एक ढाबे में आना जाना होता था। उसी ढाबे में काम करने वाली उषा कुशवाहा से उसे प्यार हो गया। उषा शादी-शुदा थी और उसका एक 6 साल का बेटा भी था। पर वह पति को छोड़कर बेटे संग नरेश के साथ मचला आ गई थी।
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| आरोपी |
नरेश के इस शादी को लेकर गांव में विरोध हुआ था। इसके बाद उसे फिर से उषा के साथ शादी रचानी पड़ी। उसका बेटा भी साथ में रहने लगा। इस बीच नरेश के माता-पिता का निधन हो गया और सारी प्रॉपर्टी उसके नाम हो गई। उषा का बेटा अब 13 साल का हो गया है। उषा नरेश पर अपने बेटे के नाम कुछ प्रॉपर्टी करने का दबाव बना रही थी। पर नरेश इसके लिए तैयार नहीं था। उनकी खुद की कोई औलाद नहीं हुई थी। उषा का बेटा मचला के साथ अपने पिता के घर कटनी भी आया-जाया करता था। बताते हैं कि नरेश के एक करीबी महिला के साथ अखिलेश ने पूर्व में रेप का प्रयास किया था। बाद में उनके बीच समझौता हो गया था। पर अखिलेश मन ही मन ये रंजिश पाले हुए था। इस बीच उसकी नरेश से दोस्ती हो गई थी। वह अक्सर नरेश के साथ उसके घर आने-जाने लगा था। इधर, नरेश अधिक शराब पीने लगा था। वह अक्सर उषा के साथ मारपीट करने लगा था। बीच में उषा ने उसके खिलाफ प्रताड़ना की पनागर थाने में शिकायत भी की थी। फिर केस वापस ले लिया था। नरेश की शराब की लत और मारपीट के चलते उषा का झुकाव अखिलेश की तरफ हो चला था। इधर, नरेश उसके बेटे के नाम भी कोई प्रापर्टी नहीं कर रहा था। कुछ समय पहले ही नरेश ने आधा एकड़ जमीन बेच कर बुलेरो खरीदी थी।
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| म्रतक |
उषा ने अखिलेश के साथ मिलकर नरेश की हत्या की साजिश रची। उसने अखिलेश को दो लाख रुपए देने की बात कही। अखिलेश के दिल में पहले से नरेश के प्रति बदले की आग भड़क रही थी, तो वह तैयार हो गया। साजिश के तहत उषा ने उसे फरसा दिया। अखिलेश ने बेलखाड़ू रोड स्थित घटनास्थल के पास आम व बबूल के झाड़ के बीच एक दिन पहले ही फरसा छुपा दिया था। 10 जनवरी की शाम 7.15 बजे नरेश बुलेरो लेकर घर पहुंचा। तभी अखिलेश ने उसे खेत में शराब पिलाने बुलाया। वह खुद कम और नरेश को अधिक शराब पिलाई। फिर उसकी फरसे से गर्दन उड़ा दी। एक वार सिर पर और एक वार जांघ पर भी किया था। सिर को 100 मीटर रोड के दूसरी ओर फेंक दिया था। फरसा उषा के आंगन में रात में फेंक दिया था। फिर फोन कर काम होने और फरसे की जानकारी दे दी थी। उषा ने फरसा से खून साफ किए और उसे घर में छुपा दिया था।

10 जनवरी की शाम से गायब नरेश की गुमशुदगी उषा ने पनागर थाने में 11 जनवरी को दर्ज कराई थी। 11 जनवरी को नरेश का पहले सिर और दो घंटे बाद 100 मीटर दूर धड़ मिला था। पुलिस ने नरेश के मोबाइल का कॉल डिटेल निकाला तो अखिलेश से बातचीत होना पाया गया। अखिलेश के नंबर से ये पता चला कि उसकी उषा से बातचीत कई बार हुई है। बस इसी आधार पर पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड को सुलझा लिया।
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