रायसेन/मंडीदीप, लॉकडाउन की अफवाहों से बनी आशंका से सहमे प्रवासी मजदूर, कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सहमें उद्योगों ने बढ़ाई सुरक्षा और सतर्कता। - Ghatak Reporter

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Thursday, January 13, 2022

रायसेन/मंडीदीप, लॉकडाउन की अफवाहों से बनी आशंका से सहमे प्रवासी मजदूर, कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सहमें उद्योगों ने बढ़ाई सुरक्षा और सतर्कता।

लॉकडाउन की अफवाहों से बनी आशंका से सहमे प्रवासी मजदूर, कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सहमें उद्योगों ने बढ़ाई सुरक्षा और सतर्कता।

  • कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सहमें उद्योगों ने बढ़ाई सुरक्षा और सतर्कता। 
  • दिल्ली और महाराष्ट्र आदि प्रांतों से आने वाले लोगों को आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही फैक्ट्रियों में दी जा रही एंट्री।
  • वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने वाले मजदूरों को ही फैक्ट्री में दे रहे प्रवेश, सैनिटाइजेशन व सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने समेत  कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराने  के साथ ही कच्चे माल का अधिक भंडारण और 20 से 25 प्रतिशत तक  उत्पादन में  भी की बढ़ोत्तरी।


मंडीदीप, लॉकडाउन की अफवाहों से बनी आशंका से सहमे प्रवासी मजदूर, कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सहमें उद्योगों ने बढ़ाई सुरक्षा और सतर्कता।

घातक रिपोर्टर, अरविंद सिंह जादौन, भोपाल।
मंडीदीप। देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर आने का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही इसके नए वेरिएंट ओमीक्रोन और कोविड‌ के केस भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। हालांकि सब डिवीजन में इनके संक्रमण (अब तक मिल चुके 18 पॉजिटिव मरीज) की रफ्तार भले ही धीमी हो मगर देश के अन्य प्रांतों में ओमीक्रोन और कोविड के मरीजों में तीव्रता से वृद्धि हो रही है। जिसने नगर के उद्यमियों की चिंताएं बढ़ा दी है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए उद्योगों ने सुरक्षा के साथ ही सतर्कता भी बरतनी शुरू कर दी है। इसी के चलते वे फैक्ट्री में उन्हीं मजदूरों या अन्य लोगों को प्रवेश दे रहे हैं जो कि वैक्सीन के दोनों डोज लगवा चुके हैं। इतना ही नहीं उद्यमियों ने लॉकडाउन लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के पुख्ता प्रबंध करते हुए कच्चे माल का अधिक भंडारण और उत्पादन की गति भी बढ़ा दी है। कई उद्योग अपनी क्षमता के अनुसार तो कई कारखानों में 20 से 25 प्रतिशत तक अधिक प्रोडक्शन किया जाने लगा है। इधर कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने प्रवासी मजदूरों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आपको बता दें कि 2020 में लगे पहले लॉकडाउन के समय नगर के कारखाने लगभग 2 महीने तक बंद रहे थे। जिससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ था। वहीं बीते वर्ष लॉकडाउन से उद्योगों को भले ही छूट दी गई थी लेकिन बाजार पूरी तरह से बंद होने के कारण वे क्षमता के अनुसार उत्पादन नहीं कर पा रहे थे इस कारण भी उन्हें आर्थिक रूप से चपत लगी थी। इस तरह लगातार 2 सालों तक आर्थिक मंदी की मार झेल चुके उद्यमी इस बार कोरोना की तीसरी लहर से फिर सहम गए हैं। लिहाजा वे किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते इसीलिए कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराने में जुट गए हैं। ताकि भविष्य में आने वाली किसी भी तरह की परेशानियों से बचा जा सके।

मंडीदीप, लॉकडाउन की अफवाहों से बनी आशंका से सहमे प्रवासी मजदूर, कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सहमें उद्योगों ने बढ़ाई सुरक्षा और सतर्कता।

दोनों डोज लगवाने वालों को ही दिया जा रहा प्रवेश

एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए हम सभी ने यह निर्णय लिया है कि फैक्ट्री में उन्हीं मजदूरों को प्रवेश देंगे जिनके वैक्सीनेशन के दोनों डोज पूरे हो चुके हैं। उनके प्रमाण पत्र भी ले लिए गए हैं। कंपनी परिसर में सैनिटाइजेशन, मास्क ओर सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य करने के साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करा रहे हैं। दूसरा हमने प्रोडक्शन की स्पीड भी बढ़ा दी है ताकि यदि भविष्य में लॉकडाउन लगने की स्थिति बनती है तो मार्केट में किसी तरह की वस्तुओं का शॉर्टेज ना रहे। सभी उद्योग अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार 20 से 25 प्रतिशत तक अधिक उत्पादन कर रहे हैं। हकाई कंपनी के डायरेक्टर आशीष ग्रोवर का कहना है कि हमारा प्रोडक्ट तो ऐसा है कि हम इसे अधिक समय तक स्टोर करके नहीं रख सकते इसलिए मांग के अनुसार ही उत्पादन कर रहे हैं, हालांकि हम कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करा रहे हैं और बाहर से आने वाले ट्रक ड्राइवर या अन्य लोगों को कोरोना जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही एंट्री दे रहे हैं। वहीं भास्कर कंपनी के एचआर हेड विश्वजीत सिंह का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए हम कोरोना के सभी मेजर प्रिकॉशन अपना रहे हैं। इसके साथ ही हमने उत्पादन की गति भी बढ़ा दी है। जहां पहले 30 लाख मीटर कपड़े का उत्पादन कर रहे थे। वहीं अब 10 लाख बढ़ाकर 40 लाख प्रति महीना कर दिया है। उत्पादन बढ़ने से कच्चे माल का भी अधिक भंडारण कर रहे हैं। इसी प्रकार की स्थिति नगर के अन्य कारखानों में भी देखने को मिल रही है।

मंडीदीप, लॉकडाउन की अफवाहों से बनी आशंका से सहमे प्रवासी मजदूर, कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सहमें उद्योगों ने बढ़ाई सुरक्षा और सतर्कता।

लॉकडाउन की आशंका से सहमे प्रवासी मजदूर

कोरोना और ओमीक्रोन के बढ़ते संक्रमण के बीच आने वाले दिनों में लॉकडाउन लगाने से राज्य सरकार ने भले ही मना कर दिया हो लेकिन नाइट कर्फ्यू लगने से प्रवासी मजदूरों में लॉक डाउन का डर देखा जाने लगा है और वे इसको लेकर अभी से चिंतित होने लगे हैं। गुजरात में रहने वाले मंडीदीप के कोमल सिंह यादव बताते हैं कि पिछले लॉकडाउन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में तीसरे लॉकडाउन को लेकर वे अभी से सहम गए हैं। किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए वे फैक्ट्री से छुट्टी लेकर परिवार के साथ मंडीदीप आने का मन बना रहे हैं। वहीं छिंदवाड़ा निवासी मजदूर जीतेंद्र उईके पहले लॉक डाउन की यादों से सिहर जाते हैं। वे बताते हैं कि उस समय उन्हें और उनके साथियों को खाने-पीने के लाले तो पढ़ ही गए थे। 200 से अधिक किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ा था। ऐसे में अब इस बार थोड़े दिन और इंतजार करेंगे और यदि माहौल खराब हुआ तो वे अपने गांव वापस चले जाएंगे। ऐसे ही चिंताजनक हालात अन्य प्रवासी मजदूरों में भी देखे जा रहे हैं।

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