ब्लैकमेलर अजय आहूजा के साथी ध्रुव शर्मा को उत्तम न्यायालय ग्वालियर से दूसरी बार भी राहत नहीं, दूसरी जमानत का आवेदन खारिज। - Ghatak Reporter

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Friday, February 11, 2022

ब्लैकमेलर अजय आहूजा के साथी ध्रुव शर्मा को उत्तम न्यायालय ग्वालियर से दूसरी बार भी राहत नहीं, दूसरी जमानत का आवेदन खारिज।

ब्लैकमेलर अजय आहूजा के साथी ध्रुव शर्मा को उत्तम न्यायालय ग्वालियर से दूसरी बार भी राहत नहीं, दूसरी जमानत का आवेदन खारिज।

ब्लैकमेलर अजय आहूजा के साथी ध्रुव शर्मा को उत्तम न्यायालय ग्वालियर से दूसरी बार भी राहत नहीं, दूसरी जमानत का आवेदन खारिज।

घातक रिपोर्टर, अरविंद सिंह जादौन, भोपाल।
9329393447/9009202060
भोपाल। अपराधी जितना शातिर होता है उतना ही अपराध उसके सर चढ़कर बोलने लगता है। आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो जाते हैं कि वह तनिक भी इंसानियत क्या होती है बिल्कुल भी नहीं सोचते। मगर कहते हैं जब पाप का घड़ा भरता है तो वह फूटता भी है और ऐसा फूटता है कि उसको बचाने वाला कोई नहीं होता। ऐसा ही मामला ब्लैकमेलर गैंग का है। अजय आहूजा एवं इसकी ब्लैकमेलर गैंग का घड़ा अब भरकर फूट चुका है। अजय आहूजा स्ट्रिंग के नाम पर वीडियो बनाकर और अपने हिसाब से काट-छांट कर उनको टेम्पर्ड कर ब्लैक मेलिंग करने के मामलों में माहिर है। अजय आहूजा पिछले कई सालों ऐसे मामलों मैं से संलिप्त है।  इसने लंबे समय तक मंडीदीप में रहकर ब्लैक मेलिंग के एंपायर को बखूबी चलाया है। इसके साथी इसको पुरजोर तरीके से इसको बचाने के साथ-साथ इसके माल में हिस्सेदारी भी करते रहे हैं। कई कथित संगठनों का अपने आप को प्रदेश अध्यक्ष बताता रहा है तो कई इसके साथी इसको महिलाओं के हित की बात करने वाला बताते रहे हैं। जबकि हकीकत तो यह है की इसके कई रिस्तेदार इसके चरित्रहीन होने के साथ-साथ अजय आहूजा कॉल गर्ल सप्लाई करने वाला भी बताते है और उसी के दम पर इसने अपने ब्लैक मेलिंग के एंपायर को मध्य प्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों में भी फैला लिया है। आखिर में इनका घड़ा भरने के बाद एक ब्लैक मेलिंग के मामले में शिवपुरी में गच्चा खा ही गया और इस बार कानून के शिकंजे में ऐसे फंसे कि अब इनका निकलना बहुत मुश्किल हो रहा है।

ब्लैकमेलर अजय आहूजा के साथी ध्रुव शर्मा को उत्तम न्यायालय ग्वालियर से दूसरी बार भी राहत नहीं, दूसरी जमानत का आवेदन खारिज।

अजय आहूजा हालांकि अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और इसको कई लोग अभी भी समर्थन कर रहे हैं। चाहे वह धन से हो चाहे वह अपने यहां छुपाने से हो उसकी ब्लैक मेलिंग में हिस्सा लेने वाले लोग उसे संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। इस अजय आहूजा के 5 साथी जेल में करीब साढे 3 महीने से ज्यादा से बंद है, जिनकी जमानत के आवेदन प्रथम बार सभी के खारिज हो चुके हैं। उत्तम न्यायालय ग्वालियर ने प्रथम बार में इसके किसी भी साथी को कोई भी राहत प्रदान नहीं की बल्कि आज इसके एक साथी ध्रुव शर्मा ने जमानत के लिए दूसरा आवेदन उत्तम न्यायालय ग्वालियर में 7 फरवरी को प्रस्तुत किया था जिसका निर्णय आज माननीय न्यायाधीश ने दे दिया। दूसरे जमानत के आवेदन में भी माननीय उच्च न्यायालय ने इसके साथी को कोई भी राहत प्रदान नहीं की है। इससे इनकी ब्लैक मेलिंग की गंभीरता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। माननीय न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोरोना काल जैसी स्थिति में जबकि 7 वर्ष से नीचे की सजा वाले प्रकरणों में थाने से ही जमानत दिये जाने के आदेश कोरोना की परिस्थितियों मैं दे रखे हैं। इसके बावजूद अजय आहूजा और इसकी ब्लैकमेलिंग गेंग को माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर में कोई भी किसी प्रकार की राहत नहीं दी है। दूसरी बार भी ध्रुव शर्मा द्वारा दूसरी बार जमानत आवेदन को भी आज रद्द कर दिया है। अब देखना होगा की अजय अहूजा कब तक मध्य प्रदेश पुलिस को चकमा देता रहेगा या फिर पहले की तरह ही क्या हनियों के दम पर यह पुलिस से बचता रहा है और बचता रहेगा। हालांकि इसकी गिरफ्तारी हो जाने के बाद इसके और साथियों के ब्लैक मेलिंग के एंपायर के खुलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर पुलिस प्रशासन ने इसको गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो ब्लैक मेलिंग के और दर्जनों मामले खुलकर सामने आ सकते हैं। वहीं इसके कई साथी और भी पुलिस की गिरफ्त में आ सकते हैं।

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