रायसेन/मंडीदीप, यहां कभी 5 एकड़ में वीरान जंगल था, आज 400 से अधिक पेड़ लहरा रहे। - Ghatak Reporter

Ghatak Reporter

एक नज़र निष्पक्ष खबर. तथ्यों के साथ, सत्य तक।


BREAKING

Post Top Ad

Wednesday, April 6, 2022

रायसेन/मंडीदीप, यहां कभी 5 एकड़ में वीरान जंगल था, आज 400 से अधिक पेड़ लहरा रहे।

यहां कभी 5 एकड़ में वीरान जंगल था, आज 400 से अधिक पेड़ लहरा रहे।

  • नवरात्र में यहां प्रतिदिन एक हजार से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन और जल अर्पित करने आते हैं।

रायसेन/मंडीदीप, यहां कभी 5 एकड़ में वीरान जंगल था, आज 400 से अधिक पेड़ लहरा रहे।

घातक रिपोर्टर, अंकित कुशवाहा, रायसेन/मंडीदीप।
मंडीदीप। औद्योगिक क्षेत्र सतलापुर का माता मंदिर उपनगर के लोगों की आस्था का केंद्र है। चैत्र नवरात्रिके चलते इन दिनों मां जगदंबा को जल अर्पित कर पूजा और आराधना के लिए रोज एक हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालांकि, 10 से 15 साल पहले तक यह स्थान वीरान और सुनसान पड़ा रहता था। परंतु अब स्थिति यह है कि यहां भक्तों की अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन गया है। यह सब मंदिर मैं पिछले 15 वर्षों से जल रही अखंड ज्योत के कारण संभव हो सका। अखंड ज्योति के निरंतर प्रचलित होने से ना केवल मंदिर की महिमा बढ़ी, बल्कि उसका कायाकल्प भी हुआ और गांव में भी सुख समृद्धि और खुशहाली आई। मंदिर के पुजारी पंडित राजेंद्र शर्मा ने बताया कि 15 वर्षो से यहां एक पेड़ के नीचे खुले आसमान में मां की प्रतिमा विराजमान हुआ करती थी। पठार पर स्थित यह स्थान वीरान पड़ा रहता था, तब उन्हें आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 2007 में यहां अखंड ज्योति जलाई। उसके बाद से ही मां के चमत्कार प्रत्यक्ष रुप से दिखाई देने लगे। पहले मंदिर का निर्माण हुआ, उसके बाद 2009 से यहां निरंतर 13 सालों से जगत कल्याण और विश्व शांति के लिए शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं जनसहयोग से मंदिर परिषद में ट्यूबवेल खनन, 15 सालों से यज्ञशाला और 25 लाख से धर्मशाला निर्माण भी कराया जा चुका है।

मंदिर की महिमा बड़ी तो पठार पर भी लहराने लगी हरियाली

खेड़ापति माता मंदिर में अखंड ज्योति जले व यज्ञ का आयोजन कराने से मंदिर की महिमा बढ़ने के साथ यहां श्रद्धा का प्रमुख एक आकर्षण का केंद्र बन गया है। भाई ईश्वर की प्रेरणा से गांव के एक दर्जन ग्रामीणों की टीम ने कड़ी मेहनत कर पठार पर पौधारोपण कर उसे हरा-भरा बना दिया है। अब तो लोग जन्मदिन या शादी के वर्षगांठ के अवसर पर शिक्षा ही पौधे लगाते है जिससे कभी 5 एकड़ के क्षेत्र में सिर्फ एक ही पेड़ था वहां अब 400 छोटे-बड़े पेड़ लहरा रहे हैं। यह स्थान अब लोगों की भीड़ और चहल पहल में रहता है।

रायसेन/मंडीदीप, यहां कभी 5 एकड़ में वीरान जंगल था, आज 400 से अधिक पेड़ लहरा रहे।

प्राचीन सिलाओ में एक साथ होते हैं 10 देवियों के दर्शन

यहां मंदिर में प्राची नौ देवियों की पाषाण प्रतिमा स्थापित हैं, जिन्हें मंदिर समिति द्वारा धरोहर के रूप में सहेज कर रखा गया है। प्राचीन 10 महाविद्याओं के रूप में पहचाने जाने वाली देवियों की प्रतिमा में खेड़ापति माता, शीतला माता, मैली माता, विजयासन देवी, काली देवी, गौरी माता, सती माता, भैरवी माता, लाल माता, दशा माता की मूर्ति स्थापित है। इनके अलावा मंदिर में मां दुर्गा, मां सरस्वती, मां शारदा और मां संतोषी माता की प्रतिमाओं को भी स्थापित किया है।

पिछले 13 वर्षों से विश्व शांति के लिए शतचंडी महायज्ञ भी

श्री हिंदू उत्सव समिति मंडीदीप सचिव अशोक भार्गव का कहना है कि यहां के ग्रामीण पिछले 13 वर्षों से शतचंडी महायज्ञ का आयोजन करा रहे हैं जिससे वे सनातन संस्कृति और संस्कारों का संदेश तो दे ही रहे हैं साथ ही  वायु प्रदूषण से पर्यावरण शुद्ध करने का काम भी कर रहे हैं। वही समिति के सह सचिव प्रेम पाल बताते हैं कि जबसे मंदिर में अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई है तब से हमारे नगर का तो कायाकल्प ही हो गया है। नगर में अब लोग मिल जुल कर रहते हैं। नगर में सुख, समृद्धि, शांति बढ़ने से खुशहाली आ गई।

No comments:

Post a Comment

ghatakreporter.com मै आपका स्वागत है।
निस्पक्ष खबरों के लिए निरंतर पढ़ते रहें घातक रिपोर्टर
आपकी टिप्पड़ी के लिए धन्यवाद

Post Bottom Ad

Read more: https://html.com/javascript/popup-windows/#ixzz6UzoXIL7n
close
Do you have any doubts? chat with us on WhatsApp
Hello, How can I help you? ...
Click me to start the chat...