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Saturday, September 24, 2022

रायसेन/सिलवानी, सत्र न्‍यायाधीश के निर्देशानुसार विधिक सेवा समिति द्वारा किया गया शिविर का आयोजन।

सत्र न्‍यायाधीश के निर्देशानुसार विधिक सेवा समिति द्वारा किया गया शिविर का आयोजन।

रायसेन/सिलवानी, सत्र न्‍यायाधीश के निर्देशानुसार विधिक सेवा समिति द्वारा किया गया शिविर का आयोजन।

घातक रिपोर्टर, जसवंत साहू, रायसेन/सिलवानी।
सिलवानी। प्रधान जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश रायसेन अनीस कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार, तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा दिनांक 24.09.2022 शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलवानी में चाईल्ड सेक्सुअल एब्यूज विषय पर विधिक साक्षरत शिविर का किया गया आयोजन। उक्त शिविर में अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी अतुल यादव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को यौन दुर्व्यवहार से संरक्षित करना और निश्चित करना कि उनका बचपन किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार से मुक्त हो। यह हमारा संयुक्त दायित्व है। इसके लिए आवश्यक है जन जागरूकता की, जिससे बच्चे एवं उनके माता-पिता, अध्यापक व संरक्षक सजग होकर यौन दुर्व्यवहार का विरोध करें और अपराध होने से पूर्व उसे रोका जा सके। शिविर में बालकों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिकतर बच्चे अपने रिश्तेदारों या जान-पहचान वालों द्वारा यौन अपराध के शिकार होते हैं, जहां बच्चों को सर्वाधिक सुरक्षित माना जाता है। शिवर न्यायाधीश अतुल यादव द्वारा छात्रओं को बताया गया कि बच्चों के साथ शारीरिक, मानसिक, यौनिक अथवा भावनात्मक स्तर पर किया जाने वाला दुर्व्यवहार बाल दुर्व्यवहार कहलाता है। हालाँकि हम बाल दुर्व्यवहार में सामान्यतः यौनिक एवं शारीरिक शोषण को ही शोषण समझाते हैं, जबकि मानसिक तथा भावनात्मक स्तर पर होने वाला शोषण भी बच्चों के मानस पर दीर्घकालिक प्रभाव डालता है। बाल यौन शोषण का दायरा केवल बलात्कार या गंभीर यौन आघात तक ही सिमटा नहीं है बल्कि बच्चों को इरादतन यौनिक कृत्य दिखाना, अनुचित कामुक बातें करना, गलत तरीके से छूना, भोलेपन का फायदा उठाने के लिये चॉकलेट, पैसे आदि का प्रलोभन देना चाइल्ड पोर्नोग्राफी बनाना आदि बाल यौन शोषण के अंतर्गत आते हैं। शिविर में भारत की स्कूल बैग पॉलिसी के बारे में छात्राओं को बताते हुए कहा कि नए निर्देश अनुसार पहली और दूसरी कक्षा के लिए बैग का वजन 1.6 से 2.2 किलोग्राम तक होना चाहिए जबकि कक्षा तीसरी, चौथी और पांचवी के लिए बैग का वजन 1.7 से 2.5 किलोग्राम तक होना अनिवार्य होगा। वही 6वीं और 7वीं कक्षा के लिए बैग का वजन 2.0 से 3.0 किलोग्राम होना आवश्यक है। जबकि 8वीं, 9वीं और 10वीं के लिए बैग का वजन 2.5 से 4.5 किलोग्राम तक हो सकते हैं। विधिक साक्षरता शिवर में स्कूल प्रभारी प्राचार्य मंजु श्रीवास्तव, शिक्षक रागवेन्द्र दुबे सहित छात्राएं मौजूद रहीं।

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