रायसेन/बरेली, श्री राम के वन जाने की बात सुनकर पूरा अवधपुरी रो पड़ा - अनिरुद्ध आचार्य महाराज। - Ghatak Reporter

Ghatak Reporter

एक नज़र निष्पक्ष खबर. तथ्यों के साथ, सत्य तक।


BREAKING

Post Top Ad

Sunday, May 28, 2023

रायसेन/बरेली, श्री राम के वन जाने की बात सुनकर पूरा अवधपुरी रो पड़ा - अनिरुद्ध आचार्य महाराज।

श्री राम के वन जाने की बात सुनकर पूरा अवधपुरी रो पड़ा - अनिरुद्ध आचार्य महाराज।

रायसेन/बरेली, श्री राम के वन जाने की बात सुनकर पूरा अवधपुरी रो पड़ा - अनिरुद्ध आचार्य महाराज।

घातक रिपोर्टर, राकेश दुबे, रायसेन/बरेली।
बरेली। छिंद धाम प्रांगण में आयोजित श्रीराम महायज्ञ और सात दिवसीय श्रीराम कथा के मुख्य यजमान क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र सिंह पटेल जिनके द्वारा संपूर्ण आयोजन पर विशेष रुचि रखी जा रही है। उनके ही अथक प्रयासों के चलते इस क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा धार्मिक और सामाजिक आयोजन हो पाना संभव हो सका है। श्री राम कथा के पांचवे दिवस कथा पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। इस मौके पर कथा श्रवण करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव जब कथा स्थल पर पहुंचे तो विधायक देवेंद्र सिंह पटेल, कांग्रेस के प्रदेश सचिव कविंद्र सिंह रघुवंशी के द्वारा जहां उनका सम्मान किया गया वहीं गुरुजी अरुण यादव के द्वारा चरण वंदना की। राम कथा श्रवण कराते हुए कथा वाचक भगवान राम का 14 वर्ष का वनवास काल का प्रसंग का वर्णन किया। कथावाचक अनिरुद्राचार्य ने कहां कि जब भगवान के राजतिलक की तैयारियां की जा रही थी तभी महारानी कैकई ने महाराजा दशरथ से अपने दो वचन मांगती है और कहती है कि पहले राम की सौगंध खाएं और मेरे वचन मुझे दे।

रायसेन/बरेली, श्री राम के वन जाने की बात सुनकर पूरा अवधपुरी रो पड़ा - अनिरुद्ध आचार्य महाराज।

राजा दशरथ खुशी में रानी से कहते है कि जो मांगे मैं वहीं दूंगा, तब महारानी कैकई दशरथ से मांगती है कि मेरे बेटे भरत को राजगद्दी मिले और राम को 14 वर्ष का वनवास मिले। इतना सुनते ही महाराजा दशरथ धरती पर गिर जाते हैं। राम सहित सब यहां पहुंचते हैं, राम जी जब वनवास को जाने लगते हैं तो उनके साथ वन जाने के लिए सीता व लक्ष्मण भी तैयार हो जाते हैं। श्रीराम के वन जाने की बात सुनकर पूरा अवधपुरी रो पड़ा। राम का इतना प्रेम अवधपुरी के प्रति था कि राम का राजतिलक होना था, लेकिन माता-पिता की आज्ञा का पालन करने के लिए राम 14 वर्ष के लिए वनवास के लिए निकल पड़े। भगवान राम वनवास में कहीं साधु-संतों की जंगल में रहते हुए रक्षा की, कहीं राक्षसों का सहार भी किया। इस दाैरान वनवास काल के प्रसंग काे सुनकर कथा पांडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हुए।

No comments:

Post a Comment

ghatakreporter.com मै आपका स्वागत है।
निस्पक्ष खबरों के लिए निरंतर पढ़ते रहें घातक रिपोर्टर
आपकी टिप्पड़ी के लिए धन्यवाद

Post Bottom Ad

Read more: https://html.com/javascript/popup-windows/#ixzz6UzoXIL7n
close
Do you have any doubts? chat with us on WhatsApp
Hello, How can I help you? ...
Click me to start the chat...