भोपाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशिक विसबल के निर्देश पर पी.टी.एस. डॉग के नवागत देशी श्वानों के प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ, सेनानी ने निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश। - Ghatak Reporter

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Tuesday, March 16, 2021

भोपाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशिक विसबल के निर्देश पर पी.टी.एस. डॉग के नवागत देशी श्वानों के प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ, सेनानी ने निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश।

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अतिरिक्त पुलिस महानिदेशिक विसबल के निर्देश पर पी.टी.एस. डॉग के नवागत देशी श्वानों के प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ, सेनानी ने निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश।

भोपाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशिक विसबल के निर्देश पर पी.टी.एस. डॉग के नवागत देशी श्वानों के प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ, सेनानी ने निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश।

भोपाल। पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (23वी वाहिनी विसबल भोपाल) भदभदा में 16 मार्च को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएएफ मिलिन्द कानस्कर के निर्देश पर पी.टी.एस. डॉग के नवागत देशी श्वानों के प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने च्मन की बातज् कार्यक्रम में देशी नस्ल के श्वानों की उपयोगिता, दक्षता व महत्वता को इंगित किया था। इसी तारतम्य में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष सशस्त्र बल) मिलिंद कानस्कर के मार्गदर्शन एवं सेनानी 23वी वाहिनी मो. यूसुफ कुरैशी के नेतृत्व में पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (डॉग) भोपाल द्वारा भी उन्नत देशी नस्ल के श्वानो का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। जिनमें मुधोल हाउण्ड, रामपुर हाउण्ड, राजापलायम, कन्नी, कोम्बाई, चिप्पीपराई प्रजाति के लगभग डेढ़ दर्जन श्वान शामिल किये गये हैं। इस दौरान सेनानी 23वी वाहिनी मो0 यूसुफ कुरैशी ने परिसर का भ्रमण किया तथा नवागत श्वानों के स्वास्थ्य व अन्य पहलुओं का जायजा लिया और वेटनरी डॉक्टर को निर्देश दिए कि प्रतिदिन श्वानों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाए, उनका तापमान व अन्य स्वास्थ्य संकेतकों का ध्यान रखा जाए, पप्स द्वारा पोषण की उचित मात्रा ली जा रही है या नहीं इसका विशेष ध्यान रखा जाए, साइकोलॉजिकल बिहेवियर पर नजर रखी जाए, किसी प्रकार का संक्रमण न लगे, इस हेतु आवश्यक निर्देश जारी करें। उन्होंने पी.टी.एस. डॉग के प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि कैनल की समय-समय पर सफाई की जाए, कैनल को बर्निंग ट्रीटमेंट, एण्टी-माझट व टिक्स हेतु ट्रीटमेंट कराया जाए, श्वानों के ग्रुमिंग की उचित व्यवस्था की जाए, प्रत्येक श्वान हेतु एक योग्य डॉग हेण्डलर रखा जाए। उन्होंने डॉग हेण्डलर्स से कहा कि प्रत्येक श्वान से व्यक्तिगत लगाव विकसित करें, उसके स्वास्थ्य व व्यवहार पर नजर रखें, ट्रेनिंग के प्रत्येक स्टेप को बारीकी से सिखलाएँ, समय पर सफाई से अच्छा खाना व पानी दें, पप्स को किसी प्रकार की चोट न लगे इसका विशेष ध्यान रखा जाए। पुलिस प्रशिक्षण स्कूल ने एक अभिनव पहल के तौर पर इस प्रशिक्षण को प्रारंभ किया है। ज्ञात हो कि आर्मी व पैरामिलिट्री द्वारा देशी प्रजाति के श्वानों का विभिन्न प्रकार से उपयोग किया जाता रहा है लेकिन पुलिस के तौर पर म.प्र. पुलिस ऐसा करने वाली पहली पुलिस इकाई बन गई है।

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