काबलियत साबित करने रची पुलिस अफसर ने सजिस, एंटीलिया केस की NIA जांच में चौंकाने वाले खुलासे। - Ghatak Reporter

Ghatak Reporter

एक नज़र निष्पक्ष खबर. तथ्यों के साथ, सत्य तक।


BREAKING

Post Top Ad

Friday, March 19, 2021

काबलियत साबित करने रची पुलिस अफसर ने सजिस, एंटीलिया केस की NIA जांच में चौंकाने वाले खुलासे।

पहले खबर पाने के लिए यहाँ लिंक पर क्लिक कर एप्लीकेशन डाउनलोड करें

काबलियत साबित करने रची पुलिस अफसर ने सजिस, एंटीलिया केस की NIA जांच में चौंकाने वाले खुलासे।

  • सचिन वाज़े ने ही रची थी पूरी साजिश, एंटीलिया केस की NIA जांच में चौंकाने वाले खुलासे। 
काबलियत साबित करने रची पुलिस अफसर ने सजिस, एंटीलिया केस की NIA जांच में चौंकाने वाले खुलासे।

एंटीलिया केस की जांच कर रही एनआईए के सूत्रों के मुताबिक एंटीलिया के बाहर पूरी साज़िश सचिन वाज़े ने सिर्फ और सिर्फ पब्लिसिटी पाने और ये साबित करने के लिए रची कि वो अब भी एक बेहतरीन पुलिस अफसर है और आतंक से जुड़ी साजिश की जांच वो बखूबी कर सकता है. एनआईए सूत्रों के मुताबिक सचिन वाज़े से अब तक की पूछताछ और जांच के बाद ये बात सामने आई है कि इस साज़िश में सचिन वाज़े के बेहद करीबी कुछ पुलिस अफसर शामिल थे।

क्या कोई पुलिस अफ़सर सिर्फ़ अपनी काबिलियत साबित करने के लिए देश के सबसे अमीर शख्स के घर के बाहर एक कार में विस्फोटक रख सकता है? क्या कोई पुलिस अफसर सिर्फ अपने सीनियर अफसरों को ये यकीन दिलाने के लिए कि वो आतंक से जुड़े केस की अब भी बेहतरीन जांच कर सकता है, केस को सुलझा सकता है, बस इसी ख़ातिर आतंकी साज़िश रच सकता है? क्या कोई पुलिस अफसर सिर्फ पब्लिसिटी के लिए ऐसी साज़िश को अंजाम दे सकता है? 25 फरवरी के बाद से ही ये सवाल सभी को परेशान कर रहा था कि आखिर एंटीलिया के बाहर ऐसे विस्फोटक के साथ जिसमें धमाका ही नहीं होना है, उस विस्फोटक को कार में रख कर खड़ी करने का क्या मकसद हो सकता है ?

काबलियत साबित करने रची पुलिस अफसर ने सजिस, एंटीलिया केस की NIA जांच में चौंकाने वाले खुलासे।   

एंटीलिया केस की जांच कर रही एनआईए के सूत्रों के मुताबिक एंटीलिया के बाहर पूरी साज़िश सचिन वाज़े ने सिर्फ और सिर्फ पब्लिसिटी पाने और ये साबित करने के लिए रची कि वो अब भी एक बेहतरीन पुलिस अफसर है और आतंक से जुड़ी साजिश की जांच वो बखूबी कर सकता है. एनआईए सूत्रों के मुताबिक सचिन वाज़े से अब तक की पूछताछ और जांच के बाद ये बात सामने आई है कि इस साज़िश में सचिन वाज़े के बेहद करीबी कुछ पुलिस अफसर शामिल थे।
फिलहाल की जांच में नेताओं या मुंबई पुलिस के आला अफसरों की कोई भूमिका सामने नहीं आई है. एनआईए सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि एंटीलिया केस को उन्होंने लगभग सुलझा लिया है. साज़िश की सारी कड़ियां एक एक कर जुड़ती जा रही हैं. एनआईए सूत्रों का दावा है कि एंटीलिया केस के पीछे कोई आतंकी साज़िश नहीं थी. एंटीलिया की पूरी साजिश की कहानी कुछ यूं है।
25 फरवरी की रात सचिन वाज़े खुद स्कॉर्पियो चला रहे थे. स्कॉर्पियो के पीछे भी एक इनोवा चल रही थी. ये इनोवा मुंबई पुलिस की ही थी.एंटीलिया के बाहर स्कॉर्पियो पार्क करने के बाद सचिन वाज़े स्कॉर्पियो से उतर कर इनोवा में बैठ गए. इसके बाद वे वहां से निकल गए एनआईए सूत्रों के मुताबिक पीपीई सूट में जो शख्स नजर आ रहा है, वो कोई और नहीं सचिन वाज़े ही है. इसके सबूत भी एनआईए ने बरामद कर लिए हैं. दरअसल, ये कायदे से पूरा पीपीई सूट नहीं है. बल्कि ओवर साइज़ कुर्ता और रूमाल है।
दरअसल इस साज़िश को अंजाम देने के लिए सचिन वाज़े ने दो बड़े कुर्ते खरीदे थे. जिस जगह से ये कुर्ते ख़रीदे गए, एनआईए की टीम वहां भी पहुंच गई. इनमें से एक कुर्ता जो सचिन वाज़े ने 25 फरवरी की रात पहना था, उस कुर्ते को उसी रात मुलुंड टोल नाका के पास केरोसिन आयल से जला दिया था. जबकि दूसरा कुर्ता एनआईए ने ठाणे में सचिन वाज़े के घर से बरामद कर लिया है. ये ठीक वही कुर्ता है, जो सीसीटीवी में ये शख्स पहने नज़र आ रहा है।
सचिन वाज़े स्कॉर्पियो से उतर कर जिस इनोवा में बैठे थे, उस इनोवा के ड्राइवर तक भी एनआईए पहुंची. सूत्रों के मुताबिक ये ड्राइवर फिलहाल एनआईए के ही हिरासत में है. इनोवा चला रहा ड्राइवर भी मुंबई पुलिस फोर्स से ही है. यानी वो पुलिसवाला है. ये इनोवा भी मुंबई पुलिस ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के नागपाड़ा के रिपेयर डिपो में खड़ी थी. एनआईए सूत्रों के मुताबिक क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पार्क काली मर्सिडीज़ से पेट्रोल और डीज़ल की जो बोतल मिली थी, वो दरअसल कपड़ों समेत दूसरे सबूतों को जलाने के लिए थी।
एनआईए की कहानी के मुताबिक स्कॉर्पियो को लेकर सचिन वाज़े की मनसुख हिरेन से पहले ही बातचीत हो चुकी थी. सचिन वाज़े ने ही मनसुख को वारदात से क़रीब हफ्ते भर पहले उन्हें स्कॉर्पियो सौंप देने को कहा था. 17 फरवरी को स्कॉर्पियो कब्जे में लेने के बाद सचिन वाज़े ने ही मनसुख हिरेन को अगले दिन यानी 18 फरवरी को विक्रोली थाने में स्कॉर्पियो चोरी की रिपोर्ट लिखाने को कहा था. एनआईए सूत्रों के मुताबिक मनसुख हिरेन ने जिस ईस्टर्न एक्सप्रेस हाई वे पर स्कॉर्पियो के खराब होने और चोरी होने की बात कही थी, वो असली लोकेशन नहीं है. ये गाड़ी कहीं और दी गई थी एटीएस के एक डीसीपी भी मौके पर आ गए थे. तब सचिन वाज़े पहले ही मौके पर मौजूद था. उसने एटीएस के उस डीसीपी से पूछा कि आप या आपकी टीम यहां क्या कर रही है, ये मामला हमारी टीम संभाल लेगी. इस पर एटीएस के डीसीपी सचिन वाज़े से पूछा कि आप कौन हैं. दरअसल, एटीएस के डीसीपी हाल ही में डेपुटेशन पर मुंबई पुलिस में आए थे, सचिन वाज़े सादे कपड़ों में थे, लिहाज़ा वो उन्हें पहचान भी नहीं पाए, इस पर सचिन वाज़े ने डीसीपी को पलट कर जवाब दिया कि मेरा नाम सचिन वाज़े है।
फिर सुबह होते-होते एंटीलिया केस की जांच सचमुच सचिन वाज़े के ही हाथ में आ गई और वही इस केस के जांच अधिकारी तैनात किए गए. अब तक सारी साज़िश प्लानिंग के तहत ही चल रही थी. सचिन वाज़े को यकीन था कि इस केस को सुलझा कर 16 साल बाद मुंबई पुलिस में वापसी करते हुए एक बार फिर वो लाइम लाइट में आ जाएंगे. लेकिन सचिन वाज़े से कुछ गलतियां हो गईं और इन गलतियों की वजह से केस की जांच सीधे एनआईए के हाथों में चली गई. सचिन वाज़े को ज़रा भी यकीन नहीं था कि मामला यूं हाथ से निकलेगा. एनआईए को जांच सौंपे जाने के फौरन बाद सचिन वाज़े सबूत मिटाने के काम में जुट गए और यहीं वो एक के बाद एक गलती करते चले गए।
उन्हीं गलतियों की वजह से वो एनआईए के जाल में फंस गए और लंबी पूछताछ के बाद एनआईए ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. तो साज़िश और साज़िश की कहानी एनआईए के पास है. बस इस साज़िश में सचिन वाज़े के बाक़ी मददगारों को पकड़ना है. इस सिलसिले में क्राइम ब्रांच से ही जुड़े पांच पुलिसवाले फिलहाल एनआईए के रडार पर हैं।

No comments:

Post a Comment

ghatakreporter.com मै आपका स्वागत है।
निस्पक्ष खबरों के लिए निरंतर पढ़ते रहें घातक रिपोर्टर
आपकी टिप्पड़ी के लिए धन्यवाद

Post Bottom Ad

Read more: https://html.com/javascript/popup-windows/#ixzz6UzoXIL7n
close
Do you have any doubts? chat with us on WhatsApp
Hello, How can I help you? ...
Click me to start the chat...