पहले खबर पाने के लिए यहाँ लिंक पर क्लिक कर एप्लीकेशन डाउनलोड करें
https://play.google.com/store/apps/details?id=ghatak.reporter.techsell
RSS में नंबर 2 बने होसबोले; व्यापक अनुभव, खुले विचार और 6 भाषाओं के जानकार दत्तात्रेय होसबोले अब RSS में बने नंबर 2 पर।
- 2009 से सह सरकार्यवाह की भूमिका में थे दत्तात्रेय
- सरसंघचालक के बाद नंबर दो का पद है सरकार्यवाह
- 13 साल की उम्र में ही आरएसएस से जुड़ गए थे होसबोले
दत्तात्रेय होसबोले का जन्म कर्नाटक के शिमोगा जिले में 1 दिसंबर 1955 को हुआ था. वह अंग्रेजी में स्नातकोत्तर हैं. होसबोले 1968 में महज 13 साल की उम्र में ही संघ से जुड़ गए और 1972 में संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हो गए थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की बेंगलुरू में बुलाई गई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में अहम फैसले में सरकार्यवाह (महासचिव) का चुनाव हो गया है. अब सुरेश भैयाजी जोशी की जगह दत्तात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह की जिम्मेदारी सौंपी गई है. दत्तात्रेय 2009 से सह सरकार्यवाह का दायित्व निर्वहन कर रहे थे. सुरेश भैयाजी जोशी पिछले 12 साल से यानी 2009 से आरएसएस में महत्वपूर्ण माने जाने वाले सरकार्यवाह के पद पर थे और अब दत्तात्रेय होसबोले को नए सरकार्यवाह की जिम्मेदारी दी गई है. आरएसएस में सरसंघचालक के बाद सरकार्यवाह पद को नंबर दो का पद माना जाता है। होसबोले ने संघ परिवार की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के लिए उत्तर प्रदेश में काम करते हुए कई साल गुजारे. उनका राज्य में बीजेपी और आरएसएस के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत तालमेल है राज्य में अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
जेपी आंदोलन में सक्रिय रहे थे दत्तात्रेय
होसबले तुलनात्मक रुप से अपने खुले विचारों के लिए जाने जाते हैं और वह इस रणनीति को आगे ला सकते हैं. 65 साल के होसबोले 2009 से सह सरकार्यवाह पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। आरएसएस में हर 3 साल पर सरकार्यवाह पद का चुनाव होता है. संगठन में यह एक कार्यकारी पद होता है, जबकि सरसंघचालक का पद मार्गदर्शक की तरह होता है. संघ के नियमित कामों के संचालन की जिम्मेदारी सरकार्यवाह की ही होती है।
होसबले का जन्म कर्नाटक के शिमोगा जिले में 1 दिसंबर, 1955 को हुआ था. वह अंग्रेजी में स्नातकोत्तर हैं. वह 1968 में महज 13 साल की उम्र में ही संघ से जुड़ गए और 1972 में संघ के छात्र संगठन, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हो गए.वह 1975-77 के जेपी आंदोलन में भी सक्रिय रहे और इमरजेंसी के दौरान जेल भी गए. होसबोले अपनी मातृभाषा कन्नड़ के अलावा अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, तमिल और मराठी भाषा के जानकार भी हैं।
No comments:
Post a Comment
ghatakreporter.com मै आपका स्वागत है।
निस्पक्ष खबरों के लिए निरंतर पढ़ते रहें घातक रिपोर्टर
आपकी टिप्पड़ी के लिए धन्यवाद