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UP शर्मशार पेशा:
डॉक्टर अतहर, अमेठी के तहजीब उल हसन, गोंडा का डॉक्टर सम्राट पांडे के पास से के 34 इंजेक्शन के वॉयल और 4 लाख 69 हजार रुपये बरामद, कानपुर के थापा की तलाश में जुटी पुलिस।
- लखनऊ पुलिस ने ठाकुरगंज इलाके से की गिरफ्तारी।
- कानपुर के सप्लायर की तलाश में पुलिस, दे रही दबिश।
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| गिरफ्तार डॉक्टर अतहर |
लखनऊ। महामारी के इस दौर में जहां महामारी से लड़ने का पूरा दबाव डॉक्टरों डॉक्टरों के ऊपर है। और वह अपनी ईमानदारी से कार्य कर भी रहे हैं वहीं आज पुलिस प्रशासन, सफाई कर्मी एवं स्वास्थ्य कर्मियों के ऊपर सारी जिम्मेदारी है। और यह तीनों लोग अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा भी रहे हैं मगर इनके बीच में से कुछ लोग ऐसे भी निकल कर आते हैं जो पूरे पेशे को ही शर्मसार कर डालते हैं ऐसा ही पहले भोपाल के एक अस्पताल की नर्स अपने प्रेमी के साथ मिलकर जीवन रक्षक रेमडेसिविर की कालाबाजारी मैं लिप्त पायी गयी वही अब दूसरा मामला मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आया है जहां डॉक्टर ही जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते पकड़े गए हैंपुलिस ने ठाकुरगंज इलाके से गुरुवार देर रात रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते चार लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो डॉक्टर भी शामिल हैं।
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| गिरफ्तार डॉक्टर सम्राट |
कोरोना वायरस की महामारी के बीच जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत हो गई है. सरकार की ओर से किए जा रहे दावों के बावजूद रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है. बीते दिनों कानपुर से 265 वॉयल इंजेक्शन के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए थे. अब लखनऊ पुलिस ने 34 वॉयल इंजेक्शन के साथ दो डॉक्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के मुताबिक मुख्य सप्लायर भी कानपुर का ही है।
जानकारी के मुताबिक लखनऊ पुलिस ने ठाकुरगंज इलाके से गुरुवार देर रात रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते चार लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो डॉक्टर भी शामिल हैं. उन्नाव के रहने वाले विपिन कुमार, लखनऊ के डॉक्टर अतहर, गोंडा के रहने वाले डॉक्टर सम्राट पांडे और अमेठी के रहने वाले तहजीब उल हसन के पास से पुलिस ने इंजेक्शन के 34 वॉयल और 4 लाख 69 हजार रुपये बरामद किए हैं. सभी आरोपी लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में किराये के अलग-अलग मकान में रह रहे थे. पकड़े गए आरोपियों में डॉक्टर अतहर और डॉक्टर सम्राट पांडे संविदा पर काम कर चुके हैं. पुलिस की मानें तो पकड़ा गया विपिन कानपुर के एक अन्य सप्लायर थापा से इस इंजेक्शन को लेकर आता था और इसे डॉक्टर सम्राट पांडे 15 से 20 हजार रुपये में बेच रहा था. लखनऊ पुलिस को एक ऐसे ही खरीदार की सूचना पर इस पूरे नेटवर्क का सुराग मिला और गिरफ्तारी कर ली गई. शुरुआती पूछताछ में पता चला कि कानपुर का एक अन्य आरोपी थापा नामक शख्स पांच हजार रुपये में यह इंजेक्शन विपिन कुमार को बेचता था.विपिन इसे तहजीब उल हसन तक 5500 में और तहजीब उल डॉक्टर अतहर को 7500 में बेच रहा था. अतहर, डॉक्टर सम्राट पांडे को 10 हजार रुपये में यह इंजेक्शन बेच रहे थे. पकड़ा गया डॉक्टर सम्राट पांडे जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों को यह इंजेक्शन 15 से 20 हजार रुपये में बेच रहा था. पुलिस को इस मामले में कानपुर के सप्लायर थापा की तलाश है।
गौरतलब है कि लखनऊ में पकड़े गए रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के नेटवर्क का मुख्य कनेक्शन कानपुर से है. इससे पहले 15 अप्रैल को मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर यूपी एसटीएफ ने कानपुर से ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 265 वॉयल इंजेक्शन बरामद किया था. इस मामले में लखनऊ पुलिस अब कानपुर कनेक्शन तलाशने में जुट गई है. फरार थापा की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
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