रायसेन/बरेली, मुनि श्री अक्षय सागर चातुर्मास कलश सम्पन्न, मुनि श्री ने कहा मनुष्य का मन बंदर जैसा होता है चंचल। - Ghatak Reporter

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Sunday, July 25, 2021

रायसेन/बरेली, मुनि श्री अक्षय सागर चातुर्मास कलश सम्पन्न, मुनि श्री ने कहा मनुष्य का मन बंदर जैसा होता है चंचल।

मुनि श्री अक्षय सागर चातुर्मास कलश सम्पन्न, मुनि श्री ने कहा मनुष्य का मन बंदर जैसा होता है चंचल।

रायसेन/बरेली, मुनि श्री अक्षय सागर चातुर्मास कलश सम्पन्न, मुनि श्री ने कहा मनुष्य का मन बंदर जैसा होता है चंचल।

घातक रिपोर्टर, राकेश दुबे, रायसेन/बरेली।
बरेली। चातुर्मास कलश स्थापना के भव्य कार्यक्रम में मुनि श्री ने कहा की संयोग वियोग से दूर रह कर चित्त को स्थिर कर धर्म ध्यान में मन लगाने से जीव का कल्याण होता है। आचार्य विद्यासागर के कथन को उद घृत करते हुए कहा आज के मनुष्य का मन बन्दर जैसा चंचल होता है। मन को पाप से हटा कर पूण्य की ओर लगाना ही बर्षायोग की सफलता है। भक्ति के द्वारा साधना कर आत्मा का कल्याण करना ही एक ही स्थान पर रहकर आत्मा का कल्याण करना ही चातुर्मास का लक्ष्य होता है। पूज्य आचार्य 108 विद्यासागर जी महाराज के प्रिय शिष्य मुनि अक्षय सागर जी, मुनि नेमी सागर जी एवं एलक उपशम सागर जी महाराज का भव्य चातुर्मास कलश स्थापना समारोह सकल जैन समाज की उपस्थिति में भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ। प्रातः 7 बजे से स्थानीय चन्द्र प्रभु जैन मंदिर में श्री जी का अभिषेक हुआ, पूज्य मुनिश्री अक्षय सागर महाराज के श्रीमुख से शांति धारा का वाचन हुआ। 8 बजे से महिलाओं ने सिर पर कलश रख कर घट यात्रा निकाली।


प्रतिष्ठाचार्य अजय भैया ने 14 नदियों के प्रतीकात्मक जल से एवं मंत्रों से चातुर्मास कलशों की शुद्धि की। दोपहर में स्थानीय नंद भवन में मुख्य कर्यक्रम कुमारी देशना द्वारा मंगलाचरण से प्रारंभ हुआ। तत्पश्च्यात पंचयात कमेटी के सदस्यों ने श्रीफल मुनि संघ को अर्पित कर नगर में चातुर्मास करने हेतु प्रार्थना की। इस दौरान मुनि संघ के चातुर्मास हेतु प्रथम मंगल कलश का सौभाग्य सिंघई मिश्री लाल, संतोष कुमार, विजय कुमार, सुशील कुमार, अशोक कुमार परिवार को प्राप्त हुआ। द्वतीय कलश प्राप्त करने का सौभाग्य भी सिंघई मिश्री लाल परिवार को ही प्राप्त हुआ। तृतीय मंगल कलश पूर्णायु आयुर्वेदिक चिकित्सालय जबलपुर हेतु का सौभाग्य प्रमोद कुमार, विनोद कुमार खरी वाले परिवार को प्राप्त हुआ।

रायसेन/बरेली, मुनि श्री अक्षय सागर चातुर्मास कलश सम्पन्न, मुनि श्री ने कहा मनुष्य का मन बंदर जैसा होता है चंचल।

चतुर्थ मंगल कलश जीव दया पर्यावरण समनापुर गौ शाला हेतु प्राप्त करने का सौभाग्य वीरेंद्र कुमार, अवनीत कुमार, विनीत कुमार थाला वाले परिवार को प्राप्त हुआ। अंतिम पांचवे कलश वात्सल्य छात्र वृत्ति हेतु का सौभाग्य जैन समाज अध्यक्ष सिंघई सुशील कुमार जैन परिवार को प्राप्त हुआ। जैन समाज के इस गरिमामय भव्य कार्यक्रम में महाराष्ट्र एवं कर्नाटक से जैन श्रद्धालु भी सम्मिलित हुए।

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