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Saturday, July 10, 2021

रायसेन/उदयपुरा, धड़ल्ले से काटे जा रहे सागौन के पेड़, चोरों के हौसले बुलंद।

धड़ल्ले से काटे जा रहे सागौन के पेड़, चोरों के हौसले बुलंद।

रायसेन/उदयपुरा, धड़ल्ले से काटे जा रहे सागौन के पेड़, चोरों के हौसले बुलंद।

घातक रिपोर्टर, मिथलेश मेहरा, रायसेन/उदयपुरा।
उदयपुरा। सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई के खिलाफ कई बड़े कानून होने के बावजूद कोई असर प्रखंड में नजर नहीं आ रहा है। लोग बेखौफ होकर जंगल के पेड़ काट रहे हैं, सुबह से शाम तक लकड़ी काटते हैं और रात में लकड़ी जंगल से निकालकर रातों-रात उदयपुरा के आसपास की सभी तहसीलों में भेजी जाती है। जिम्मेदार कहीं इन्हें रोकते नजर नहीं आते, ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में जगह-जगह पेड़ काटे जा रहे हैं। वन विभाग सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। लकड़ी तस्कर धड़ल्ले से लकड़ी काट रहे हैं, जंगल के भीतरी इलाकों में बड़े ही गोपनीय तरीके से सागौन के पेड़ काटे जा रहे हैं। जंगल में ही पेड़ों को काटकर चौखट और तख्ता के रूप में चीरा जाता है। रात से सुबह तक चोर रोड पर लकड़ी ले जाते देखे जा सकते हैं। सूखी और जलाउ लकड़ियों के अंदर उपयोगी लकड़ी रखकर यह लकड़ी चोर दिन में ही उदयपुरा पहुंचा देते हैं।

सांठगांठ से चल रहा लकड़ी कारोबार

ग्रामीणों ने बताया कि लकड़ी तस्कर जंगल में लकड़ी कटाई के लिए रोजनदारी से मजदूरो को ले जाते हैं और खुलेआम दिन में वहीं बैठकर लकड़ी कटवाते हैं। जिम्मेदारों का लकड़ी चोरों को डर नहीं है। लोगों का कहना है कि वह तो लोग सिर्फ बातों की खानापूर्ति कर रहे है, स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर उंगली उठाई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि प्रयास करें तो निश्चित रूप से पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई जा सकती है। महाजनो की मिलीभगत से लकड़ी की कटाई का कार्य काफी समय से चल रहा है, जिम्मेदारों का यह हाल रहा तो आने वाले कुछ ही सालों में जंगल में सागोन के पेड़ देखने को नहीं मिलेंगे। और लगतार पेड़ो की कटाई पर्यावरण को भारी छती पहुच रही है। एक और तो जंगलों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते है, मगर गौर किया जाये तो इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कुछ लोगो को सांठगांठ से लकड़ी चोर दिन दहाड़े जंगलों मैं लकडी की कटाई दिन मैं ही करवा देते है।

इसका जिम्मेदार कौन

जब फारेस्ट विभाग के द्वारा हर जगह वन पुलिस को निगरानी के लिए रखा जाता है तो फिर दिन मैं कटाई होना कैसे संभव हो जाता है। क्या वन विभाग के लोगो से लकड़ी तस्करों का सबंध है, दिनदहाड़े जंगल से लकड़ी काटना बिना अधिकारियों की सांठगांठ के संभव नही हो सकता।

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