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Wednesday, March 30, 2022

रायसेन, पत्ता टूटे तो टेंशन में आते हैं अफसर, हर 15 दिन में मेडिकल चेकअप, सालाना लाखों का खर्च।

पत्ता टूटे तो टेंशन में आते हैं अफसर, हर 15 दिन में मेडिकल चेकअप, सालाना लाखों का खर्च।

रायसेन, पत्ता टूटे तो टेंशन में आते हैं अफसर, हर 15 दिन में मेडिकल चेकअप, सालाना लाखों का खर्च।

घातक रिपोर्टर, राकेश दुबे, रायसेन।
रायसेन। जिले की निर्माणाधीन साँची बौद्ध यूनिवर्सिटी पहाड़ी पर एक ऐसा वीआईपी पेड़ है जिसकी सुरक्षा में 24 घंटे गार्ड तैनात रहते हैं। हर 15 दिन में इसका मेडिकल चेकअप भी होता है। अगर इसका एक पत्ता भी सूख जाए तो उसकी रिपोर्ट भोपाल के हाई लेवल अधिकारियों तक पहुंच जाती है। हैरान करने वाली यह भी है कि इस पेड़ का हर 15 दिन में किसी इंसान की तरह मेडिकल चेकअप किया जाता है। जानकार बताते हैं कि इस पेड़ को श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महेंद्रा राजपक्षे ने इसे इस पहाड़ी पर रोपा था। बौद्ध धर्म में इस पेड़ को बोधि वृक्ष कहा जाता है। बौद्ध अनुयाईयों के लिए यह पेड़ श्रद्धा और आस्था का केंद्र भी है। आपने अक्सर मंत्री या किसी सेलिब्रिटी की हाई एंड सेक्यूरिटी देखी होगी, लेकिन क्या कभी किसी पेड़ को वीवीआइपी सुरक्षा मिलने के बारे में सुना है। मध्य प्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय से करीब 19 किमी दूर भोपाल सलामतपुर रोड़ पर एक ऐसा खास पेड़ है जिसकी 24 घंटे पहरेदारी होती है। यह पेड़ इतना स्पेशल है कि अगर एक पत्ता भी टूट जाए तो अफसरों की टेंशन बढ़ जाती है। इससे भी बड़ी बात यह है कि इस पेड़ का किसी इंसान की तरह मेडिकल चेकअप होता है। जानकार बताते हैं कि इस पेड़ को सांची के नजदीक सलामतपुर त्रिमूर्ति तिराहे पर इस बोधिवृक्ष को साल 2012 में श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महेंद्रा राजपक्षे ने लगाया था। मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस दौरान मौजूद थे। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के वीवीआईपी पेड़ की ठाठ का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसकी चौकसी करने 24 घंटे गार्ड मुस्तैद रहते हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो इस खास पेड़ को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी हैं। इतना ही नहीं बौद्ध धर्म में इस पेड़ का खास महत्व भी है। कहते हैं कि इसी पेड़ के नीचे बैठ भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ती हुई थी। वहीं सम्राट अशोक को भी शांति की खोज करने की प्रेरणी इसी पेड़ से मिली थी।

दिन-रात पहरेदारी में खड़े रहते हैं चौकीदार

इस खास बोधि वृक्ष को सुरक्षित रखने के लिए इसके चारों तरफ करीब 15 फीट ऊंची जाली लगाई गई है। दिन-रात इसकी पहरेदारी के लिए दो गार्ड तैनात रहते हैं। यह पेड़ इतना खास है कि अगर एक पत्ता भी टूट जाए तो अधिकारी दौड़ पड़ते हैं।

पेड़ की सुरक्षा में हर साल खर्च होते हैं लाखों रुपये

बताया जाता है कि इस पेड़ की सुरक्षा के लिए हर साल करीब 15 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। हर 15 दिन में खाद की व्यवस्था की जाती है। डेली पानी डाला जाता है। यह बोधि वृक्ष रायसेन जिले के सांची बौद्ध यूनिवर्सिटी की पहाड़ी पर है। अगर इस पेड़ को सामान्य तौर पर देखा जाए तो यह किसी सामान्य पीपल के पेड़ की तरह दिखता है। लेकिन इसकी बड़ी सुरक्षा और रखरखाव को देखकर लोग इसे वीवीआईपी पेड़ कहने लगे।

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