रायसेन, सूर्यग्रहण की वजह से मंगलवार को नहीं हुई गोवर्धन पूजा, बुधवार को एक साथ मनेगी भाई दूज और गोवर्धन पूजा। - Ghatak Reporter

Ghatak Reporter

एक नज़र निष्पक्ष खबर. तथ्यों के साथ, सत्य तक।


BREAKING

Post Top Ad

Tuesday, October 25, 2022

रायसेन, सूर्यग्रहण की वजह से मंगलवार को नहीं हुई गोवर्धन पूजा, बुधवार को एक साथ मनेगी भाई दूज और गोवर्धन पूजा।

सूर्यग्रहण की वजह से मंगलवार को नहीं हुई गोवर्धन पूजा, बुधवार को एक साथ मनेगी भाई दूज और गोवर्धन पूजा।

रायसेन, सूर्यग्रहण की वजह से मंगलवार को नहीं हुई गोवर्धन पूजा, बुधवार को एक साथ मनेगी भाई दूज और गोवर्धन पूजा।

घातक रिपोर्टर, राकेश दुबे, रायसेन।
रायसेन। रोशनी और खुशियों का त्यौहार दिवाली के अगले दिन मंगलवार को सूर्यग्रहण की सूतक के कारण गोवर्धन पूजा नहीं हो सकी। इसे भारत देश के कुछ हिस्सों में अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। लेकिन इस साल सूर्यग्रहण के कारण गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन नहीं की गई। दिवाली 24 अक्टूबर सोमवार को थी, लेकिन गोवर्धन पूजा 26 अक्टूबर बुधवार को की जाएगी। गोवर्धन पूजा और भाई दूज एक ही दिन मनाए जाएंगे। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन 56 या 108 तरह के पकवानों का श्रीकृष्ण को भोग लगाना शुभ माना जाता है। इन पकवानों को अन्नकूट कहते हैं।

गोवर्धन पूजा का महत्व

इस पूजा को करने वाले व्यक्ति का सीधा प्रकृति से सामंजस्य बनाता है। आपको हम यह बता दें कि हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस पूजा में गोबर से बने हुए पर्वत की विधिपूर्वक पूजा करने और भगवान कृष्ण को भोग लगाने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और गाय की पूजा करने का भी इस दिन पर विशेष महत्व होता है। धार्मिक पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से पूजा करने वाले व्यक्ति को इच्छानुसार फल भी मिलता है। ऐसा भी माना जाता है कि जो व्यक्ति गोवर्धन पूजा करता है उसके धन और समृद्धि का लाभ होता है और परिवार में खुशहाली रहती है।

ऐसे करें पूजा की तैयारी

धर्मशास्त्री पण्डित ओमप्रकाश शुक्ला पण्डित राममोहन चतुर्वेदी, पण्डित मुकेश भार्गव ने बताया कि गोवर्धन पूजा करने के लिए आप सबसे पहले घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन का चित्र बनाएं। इसके बाद रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर, फूल और दीपक जलाकर गोवर्धन भगवान की पूजा पूरे विधि विधान से करें। कहा जाता है कि इस दिन विधि विधान से सच्चे दिल से गोवर्धन भगवान की पूजा करने से सालभर भगवान श्री कृष्ण की कृपा बनी रहती है।

पूजा सामग्री

गोवर्धन पूजा समग्री सूची में देवता को अर्पित की जाने वाली मिठाई, अगरबत्ती, फूल और ताजे फूलों से बनी माला, रोली, चावल और गाय के गोबर शामिल हैं। छप्पन भोग नामक 56 प्रकार के खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं, और पंचामृत तैयार करने के लिए शहद, दही और चीनी का उपयोग किया जाता है।

ये भोग की सामग्री

गोवर्धन पूजा पर भगवान कृष्ण को गेहूं, चावल, बेसन से बनी सब्जी और पत्तेदार सब्जियों का भोग लगाया जाता है। दही, दूध, शहद, चीनी, मेवा और तुलसी से बना पंचामृत भगवान कृष्ण को चढ़ाया जाता है और बाद में भक्तों को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। कई प्रकार की सब्जियों से तैयार अन्नकुट्टा सब्जी भी भगवान कृष्ण के लिए बनाई जाती है।

ये रखें ख्याल

गोवर्धन पूजा के दौरान, भगवान कृष्ण की पूजा करने से पहले सुबह तेल मालिश और स्नान करने की सलाह दी जाती है। भगवान की पूजा करने से पहले घर के बाहर भी गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है। हमें ध्यान रखना चाहिए कि अन्नकूट और गोवर्धन पूजा का आयोजन बंद कमरे में नहीं करना चाहिए। इस दिन चंद्रमा को न देखने की भी सलाह दी जाती है।

No comments:

Post a Comment

ghatakreporter.com मै आपका स्वागत है।
निस्पक्ष खबरों के लिए निरंतर पढ़ते रहें घातक रिपोर्टर
आपकी टिप्पड़ी के लिए धन्यवाद

Post Bottom Ad

Read more: https://html.com/javascript/popup-windows/#ixzz6UzoXIL7n
close
Do you have any doubts? chat with us on WhatsApp
Hello, How can I help you? ...
Click me to start the chat...