दो दिवसीय रामलीला समाप्त, अंतिम दिवस परशुराम-लक्ष्मण संवाद और मनमोहक प्रस्तुति देखने को रात भर डटे रहे लोग। - Ghatak Reporter

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Sunday, November 20, 2022

दो दिवसीय रामलीला समाप्त, अंतिम दिवस परशुराम-लक्ष्मण संवाद और मनमोहक प्रस्तुति देखने को रात भर डटे रहे लोग।

दो दिवसीय रामलीला समाप्त, अंतिम दिवस परशुराम-लक्ष्मण संवाद और मनमोहक प्रस्तुति देखने को रात भर डटे रहे लोग।

दो दिवसीय रामलीला समाप्त, अंतिम दिवस परशुराम-लक्ष्मण संवाद और मनमोहक प्रस्तुति देखने को रात भर डटे रहे लोग।

घातक रिपोर्टर, शिवेंद्र सिंह सेंगर, उत्तर प्रदेश।
औरैया। कस्बे के जमुना प्रसाद पार्क में चल रही दो दिवसीय रामलीला महोत्सव का रविवार की सुबह समापन हो गया। सुबह तक चला परशुराम-लक्ष्मण संवाद देखने के लिये दर्शक डटे रहे। इससे पूर्व शनिवार की रात उप जिलाधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने भगवान की आरती उतारकर कार्यक्रम की शुरुआत की। श्रीराम भक्त राम लीला समिति ने उप जिलाधिकारी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। अंतिम दिन कानपुर से आए हास्य कलाकार अंकुर मिश्रा गोलू ने हास्य के माध्यम से पंडाल में बैठे लोगों को खूब गुदगुदाया। वहीं कानपुर की पलक रानी और फतेहपुर की रितु ने फिल्मी गानों पर नृत्य प्रस्तुत किया। पंडाल में आए लोगों को बैठाए रखा। इसके बाद परशुराम-लक्ष्मण के बीच संवाद शुरू हुआ। जब प्रभु श्रीराम भगवान शिव का धनुष तोड़ देते हैं तो इसकी सूचना परशुरामजी को मिलती है और वे क्रोधित होते हुए जनक की सभा में आ धमकते हैं। वहां जब वे राम को भला बुरा कहने लगते हैं, तब लक्ष्मण से रहा नहीं जाता और फिर वे परशुराम का मजाक उड़ाते हुए उन्हें कटु वचनों में शिक्षा देने लगते हैं। इस संवाद में शील, क्रोध, संयम और वीरता का बखान होता है। बाद में श्रीराम लक्ष्मण का क्रोध शांत करते हैं। इसी बीच खलबली देखकर जनकपुरी की स्त्रियां व्याकुल हो गईं। सब मिलकर राजाओं को गालियां देने लगीं। उसी मौके पर शिवजी के धनुष का टूटना सुनकर भृगुकुल रूपी कमल के सूर्य परशुरामजी आए। परशुरामजी का भयानक वेश देखकर सब राजा भय से व्याकुल हो उठ खड़े हुए। पिता सहित अपना नाम कह-कहकर सब दंडवत प्रणाम करने लगे। राम लीला महोत्सव में अंतिम दिन राम जी की भूमिका में फतेहपुर के मनीष शुक्ला, लक्ष्मण की भूमिका में कानपुर के राम जी पाण्डेय, परशुराम की भूमिका में राजू मिश्रा शोभन, जनक की भूमिका में प्रद्युम्न तिवारी पुखरायां, रावण की भूमिका में शिवम द्विवेदी पचलख, बाणासुर की भूमिका मे सतीश शुक्ला फतेहपुर, विश्वामित्र की भूमिका में अनिल मिश्रा रहे। वहीं कार्यक्रम का संचालन जयपाल सिंह सेंगर घाटमपुर ने किया। इस दौरान विपिन तिवारी, लला ठेकेदार, प्रदीप मिश्रा, शिव महेश दुबे, शैलेंद्र गुर्जर, अंशुल पांडे, पिंटू गुर्जर, शिवा मिश्रा, अंकित परदेशी आदि लोग मौजूद रहे।

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