पत्रकार पर हमले के बाद तराना पुलिस की अपराधियों पर बड़ी कार्यवाही, आरोपियों के अवैध निर्माण पर चला बिलडोजर।
- पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने वालों में सुरक्षा की भावना होगी पैदा।
- पत्रकार पर हमला करने वाले अपराधियों पर तराना पुलिस प्रशासन की तुरंत कार्यवाही।
उज्जैन/तराना। कहते हैं लोकतंत्र के लिए चौथा स्तंभ है पत्रकारिता, वास्तव में बात भी सही है। लोकतंत्र की बिल्डिंग को सलामत रखने के लिए चारों स्तंभों की नितांत की आवश्यकता है। अगर इसमें एक भी स्तंभ कमजोर पड़ जाएगा तो लोकतंत्र का धराशाई होना तय होगा। जहां भारत एक लोकतांत्रिक देश है, वही कुछ अपराधिक लोग निरंतर ही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने में लगे रहते हैं। वही केंद्र एवं राज्य सरकार हमेशा यही दावा करती हैं कि पत्रकारों के अधिकार सुरक्षित हैं और उनको आलोचना/सराहना लिखने की पूर्ण रूप से आजादी है।
बावजूद इसके अपराधिक लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। ऐसा ही एक उदाहरण मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र में आया है। जहां अपराधियों ने एक पत्रकार को निशाना बनाकर उस पर हमला कर डाला और उसके साथ लूट जैसी घटना को भी अंजाम दिया तो पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए हमलावर अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। यह एक लोकतंत्र के लिए बहुत अच्छा ही कदम है। इससे पत्रकार जगत के लोगों में जहां सुरक्षा की भावना पैदा होगी वही अपराधियों में भी चौथे स्तंभ के लोगों पर हमला करने से पहले 10 बार सोचना होगा। मामला 19 नवंबर का है। उक्त दिनांक को पत्रकार इंद्रेश उज्जैन चौराहे पर खड़े थे, तभी आरोपियों ने पत्रकार इंद्रेश से मारपीट की थी, वही पत्रकार के पर्स को भी आरोपी छीन कर ले गए थे। मारपीट कर लूट के आरोपी लच्छीराम पिता रतन लाल गुर्जर निवासी सालाखेड़ी पर पूर्व में भी 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वही दूसरा आरोपी सुनील पिता भगवान सिंह निवासी सालाखेड़ी घटना में शामिल था। घटना में एक तीसरा नाबालिक अपचारी भी शामिल है। पत्रकार के साथ मारपीट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जिससे पत्रकारों में सुरक्षा की भावना तो पैदा होगी। साथ ही निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करने में सहूलियत होगी। वही इस कार्यवाही के बाद पुलिस प्रशासन ने भी अपनी छवि को सुधारते हुए साफ संदेश दिया है कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को डराने और धमकाने वाले अपराधियों को बक्सा नहीं जाएगा। वही पुलिस प्रशासन ने आरोपियों के अवैध निर्माण के मामले को लेकर भी कार्यालय के द्वारा कार्यवाही कराई है, जिसमें आरोपियों के अवैध निर्माण मकान पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है।
इनका क्या कहना है...
पत्रकारिता करने वाले स्वतंत्र रूप से पत्रकारिता करें। निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता में बाधक बनने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, सख्त कार्यवाही की जाएगी।
थाना प्रभारी तराना
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