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Friday, April 28, 2023

रायसेन, खरीदी केन्द्र में बारदाना की कमी से लग रहा गेहूं की खरीदी पर ब्रेक, किसान बारदाने के अभाव में कर रहे इंतजार।

खरीदी केन्द्र में बारदाना की कमी से लग रहा गेहूं की खरीदी पर ब्रेक, किसान बारदाने के अभाव में कर रहे इंतजार।

रायसेन, खरीदी केन्द्र में बारदाना की कमी से लग रहा गेहूं की खरीदी पर ब्रेक, किसान बारदाने के अभाव में कर रहे इंतजार।

घातक रिपोर्टर, राकेश दुबे, रायसेन।
रायसेन। बारदाना के अभाव में खुले में पड़ा है किसानों का टनों गेहूं, किसान छांट रहे फटे बारदाने। खरीदी केंद्रों पर पहुंचाए गए बारदाना में बड़ी संख्या में फटा बारदाना भी पहुंचा है। गठानों में फटा बारदाना निकलने पर केंद्र प्रभारी उसे रिजेक्ट कर एक तरफ रख देते हैं। ऐसे बारदाना को छांटकर किसान खुद सिलकर अपना गेहूं भरकर तुलवा रहे हैं। ताकि उनकी उपज बारिश में भीग कर खराब ना हो। इससे स्पष्ट है कि केंद्रों पर बारदाना पूरी तरह खत्म हो चुका है। सहकारी संस्था सुमेर के खरीदी केंद्र वैशाली वेयरहाउस पर पहुंचे बारदाना में 2 गठानों का बारदाना कटा-फटा निकला है। संस्था प्रबंधक ने इसकी शिकायत की है, इसी तरह अन्य केंद्रों पर भी फटा हुआ बारदाना निकलने से परेशानी खड़ी हो रही है। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का रिकॉर्ड वर्ष 2021 में बना था, तब 6 लाख 52 हजार 280 मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई थी। इस बार आवक को देख कर लग रहा है कि यह रिकॉर्ड टूट सकता है। जिले में लगभग 68 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। जिनमें से गुरुवार तक लगभग 40 हजार किसानों ने गेहूं बेचा है। लगभग 28 हजार किसान गेहूं बेचने का इंतजार कर रहे हैं।

पिछले रिकॉर्ड तोड़ सकती है गेहूं की आवक

जिले में समर्थन मूल्य केंद्रों पर गेहूं की आवक ने जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम की व्यवस्थाएं फेल कर दी हैं। उम्मीद से अधिक आवक से केंद्रों पर बारदाना का टोटा पड़ गया है। गुरुवार को लगभग आधे खरीदी केंद्रों पर बारदाना नहीं होने से गेहूं की खरीदी रुक गई थी। जहां बारदाना नहीं होने के बाद भी गेहूं की तुलाई की गई। वहां वेयर हाउस पर गेहूं के ढेर लग गए। बीते 2 दिन से जिले के खरीदी केंद्रों पर बारदाना की कमी है। गुरुवार को तो लगभग आधे केंद्रों पर गेहूं का भंडारण बारदाना नहीं होने से रुक गया। इस बीच मौसम की खराबी और बारिश से नुकसान का खतरा और बढ़ गया। दरअसल इस वर्ष जिम्मेदार विभागों ने जिले में गेहूं खरीदी का लक्ष्य 4 लाख 50 हजार मेट्रिक टन रखा था। इसका कारण मंडियों में गेहूं के अच्छे दाम मिलना था। लेकिन खरीदी शुरू होने के बाद बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने गणित बिगाड़ दिया। बेमौसम बारिश से गेहूं-चना की क्वालिटी कमजोर होने से किसान अपनी उपज खरीदी केंद्रों पर बेचने पहुंचने लगे। जिससे उपज की आवक अचानक बढ़ गई। नागरकि आपूर्ति निगम ने साढ़े चार लाख मेट्रिक टन खरीदी के लक्ष्य से अधिक चार लाख 69 हजार मेट्रिक टन के लिए बारदाना बुलवाया था, जिसे खरीदी केंद्रों पर भेजा था। गुरुवार तक चार लाख मेट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। ऐसे में बारदाना कम पडऩा लाजमी है। यह चार लाख मेट्रिक टन खरीदी का आंकड़ा भंडारित गेहूं का है। जबकि खुले मैदान में रखा गेहूं इसमें शामिल नहीं है, जिसकी तुलाई हो चुकी है। बारदाने के अभाव में भंडारण नहीं होने के कारण यह खरीदे गए गेहूं के आंकड़े में शामिल नहीं हो पाया है। खुले में रखे गए गेहूं की मात्रा लगभग 50 हजार मेट्रिक टन बताई जा रही है।

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