8 वर्षों बंद पिछड़ा वर्ग महापुरुषों के नाम से जारी सम्मान, कांग्रेस के सरकार पर उदासीनता के आरोप
भोपाल,
मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति (2024-25) की रिपोर्ट ने एक कड़वा सच उजागर किया है कि राज्य में पिछड़ा वर्ग के महापुरुषों के नाम से दिए जाने वाले तीन महत्वपूर्ण पुरस्कार वर्ष 2017 से लगभग बंद पड़े हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह ओबीसी के प्रति सरकार की उदासीनता और नफरत को उजागर करता है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि स्व. रामजी महाजन स्मृति सम्मान, महात्मा ज्योतिबा फुले पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार तथा सावित्रीबाई फुले राज्य पुरस्कार वर्षों से स्थगित रखना भाजपा सरकार की सोच और प्राथमिकताओं को उजागर करता है।
बरोलिया ने कहा कि सरकार के पास योग्य व्यक्तियों की कमी नहीं है, बल्कि सरकार की राजनीतिक प्राथमिकताओं में पिछड़ा वर्ग का सम्मान और योगदान बिल्कुल ही अप्रासंगिक बना दिया गया है। जो सम्मान समाज को प्रेरणा देने के लिए निर्मित किए गए थे वे सरकारी उदासीनता के कारण फाइलों में सिसक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन पुरस्कारों को शुरू करने की इच्छाशक्ति नहीं रखती तो नैतिक रूप से इन्हें औपचारिक रूप से बंद करने की घोषणा करे। यह कैसा विरोधाभास है कि चुनाव आते ही व्ठब् समाज की याद आती है, और चुनाव खत्म होते ही सम्मान, बजट और योजनाएँ सरकार की फ़ाइलों में दफन हो जाती हैं?
प्रदेश कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि पिछड़ा वर्ग सिर्फ चुनावी वोटबैंक नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश का गौरवशाली और रचनात्मक सामाजिक आधार है। भाजपा सरकार का रवैया इस समुदाय के गौरव, योगदान और अस्मिता का अपमान है।
बरोलिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक ओबीसी के अधिकार, प्रतिनिधित्व और सम्मान की लड़ाई मजबूती से जारी



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