अखिल भारतीय कायस्थ कवि समागम, साहित्यिक विभूतियों की विरासत सहेजने के लिए तन-मन-धन से साथ- निखिल खरे
- * अखिल भारतीय कायस्थ कवि समागम का आयोजन
- * मां सरस्वती बनी मुख्य मुख्य अतिथि एवं आराध्य देव श्री चित्रगुप्त जी की अध्यक्षता में संपन्न
- * स्मारिका "प्रथम पुष्प" एवं चित्रगुप्त चालीसा का विमोचन
राकेश दुबे- घातक रिपोर्टर
* बरेली-
दुष्यंत कुमार संग्रहालय भोपाल में आयोजित अखिल भारतीय कायस्थ कवि समागम राम सेवक बुंदेली साहित्य एवं संस्कृति परिषद, भोपाल द्वारा आयोजित किया गया । आयोजन में देश भर के ख्याति प्राप्त सैकड़ो कवि/ कवयित्रियों ने भाग लिया कार्यक्रम की विशेषता रही इसका आयोजन मां वीणा वादिनी के मुख्य अतिथि में एवं भगवान श्री चित्रगुप्त जी की अध्यक्षता में प्रतीकात्मक रूप से किया गया । इसी तारतम्य में नगर के "कवि स्व. गज्जे भैया स्मृति मंच बरेली" की ओर से अखिल खरे एवं निखिल खरे ने काव्य पाठ किया। अखिल खरे ने उनके पिताजी की प्रसिद्ध बुंदेली रचना पढ़ी ।
जा रओ है ससुराल तो जल्दी आइये, मेरी राम राम सुसर से कहिए
जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा उन्होंने गज्जे भैया के साहित्यिक योगदान के बारे में बताया, उनका साहित्य लेखन नवयुवकों के लिए प्रेरणा बने ऐसी कामना करते हैं।
निखिल खरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम इस उत्कृष्ट कार्यक्रम का हिस्सा बने यह हमारे लिए गर्व की बात है, साहित्यिक विभूतियों की विरासत को सहेजने के लिए तन- मन-धन से हम समिति के साथ हैं काव्य पाठ करते हुए उन्होंने नए साल के लिए मुक्तक पढ़ा
*सूख जाए बुराई के सब ताल ये।
खुश रहे देश के वृद्ध आवाल ये।। ज्ञान की ज्योति से दूर हो ये तिमिर, फिर हो मुबारक सभी को आने वाला साल ये।।*
विभिन्न चरणों में कवि सम्मेलन का हुया आयोजन
कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों से आए कवि/कवियित्री ने विभिन्न चरणों में अलग-अलग विधाओं में अपना कविता पाठ किया जिसमें प्रमुख रूप से कवि दिनेश प्रभात, अशोक श्रीवास्तव, राजेश चंचल, राजेश श्रीवास्तव, प्रेक्षा सक्सेना, अभिलाषा श्रीवास्तव, कवियत्री संगीता 'सरल' प्रसिद्ध गजलकर देवेश देव एवं अन्य चित्रांश कवियों ने कविता पाठ किया
काव्य पाठ किया।
स्मारिका 'प्रथम पुष्प' एवं श्री चित्रगुप्त चालीसा का विमोचन
कभी समागम में अखिल भारतीय कायस्थ कवि समागम की स्मारिका 'प्रथम पुष्प' एवं श्री चित्रगुप्त चालीसा का विमोचन किया गया इस अवसर पर श्याम श्रीवास्तव 'सनम' मनीष बादल, मुकेश कबीर, देवेश देव, राजेश श्रीवास्तव एवं अतिथि मंच पर मौजूद रहे।
कवि गज्जे भैया स्मृति मंच का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त शिक्षाविद, देश के प्रसिद्ध बुंदेली हास्य कवि, कायस्थ रत्न स्व.प्रभु दयाल खरे (गज्जे भैया) को उनके हिंदी एवं बुंदेली, उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान हेतु समिति द्वारा चित्रगुप्त सम्मान 2025 दिया गया अखिल खरे, निखिल खरे को भी चित्रगुप्त सम्मान दिया।



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