भगवान की भक्ति से होता है व्यक्ति का कल्याण पं. राजेश रावत
बरेली,
बरेली के प्राचीन बाराही धाम में चल रही वराह पुराण की कथा के द्वितीय दिवस कथा के महत्व का वर्णन करते हुए कथा व्यास राजेश रावत ने बताया कि
वराह पुराण में भगवान् विष्णु के वराह अवतार की मुख्य कथा के साथ अनेक तीर्थ, व्रत, यज्ञ, दान आदि का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें भगवान् नारायण का पूजन-विधान, शिव-पार्वती की कथाएँ, सोरों सूकर (वराह) क्षेत्रवर्ती आदित्यतीर्थ, चक्रतीर्थ, वैवस्वततीर्थ, शाखोटकतीर्थ, रूपतीर्थ, सोमतीर्थ, योगतीर्थ आदि तीर्थों की महिमा, मोक्षदायिनी नदियों की उत्पत्ति और माहात्म्य एवं त्रिदेवों की महिमा आदि पर भी विशेष प्रकाश डाला गया है।
वराहपुराण वेदव्यास द्वारा रचित १८ पुराणो में से एक है। इसमें श्लोकों की संख्या २४ सहस्र है । इसमें भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह अवतार के बारे में संक्षिप्त रूप से बताया गया है । वराह पुराण एक वैष्णव पुराण है । इसमें २१७ अध्याय है ।
कथा श्रवण करने समाज सेवी आचार्य रजनीश द्विवेदी , रामकिशन सराठे राजेश कुशवाहा माता बहने एवं भक्त उपस्थित रहे



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