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Sunday, March 7, 2021

रायसेन/उदयपुरा, नगर में चार पहिया वाहनों में काली फिल्म लगाकर घूम रहे युवक, अनभिज्ञ रहते है लोग।

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नगर में चार पहिया वाहनों में काली फिल्म लगाकर घूम रहे युवक, अनभिज्ञ रहते है लोग।

  • काली फिल्म को हटाने को लेकर कार्यवाही का निर्भया कांड के बाद हुआ था आदेश।

रायसेन/उदयपुरा, नगर में चार पहिया वाहनों में काली फिल्म लगाकर घूम रहे युवक, अनभिज्ञ रहते है लोग।

घातक रिपोर्टर, मिथलेश मेहरा, रायसेन/उदयपुरा।
उदयपुरा। दिल्ली में हुए निर्भया कांड में गैंग रेप और उसकी हत्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने काली फिल्म हटाने के आदेश दिए थे। ज्ञातव्य हो की निर्भया के साथ गैंगरेप चलते वाहन में हुआ था जिसमे चारो और कांच पर काली फिल्म लगी हुई थी। वंही नगर उदयपुरा और आस-पास ग्रामीण क्षेत्रो में चार पहिया वाहनों पर आसानी से काली फिल्म लगी देखी जा सकती है। ये लोग बेकोफ इसमे वैठकर या तो जाम टकराते है या गाड़ी में क्या कर रहे है इसकी जानकारी गाड़ी में फिल्म लगी होने के कारण ऐसे लोगो की पहचान कर पाना सम्भव नही हो पाता है।

8 वर्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने काली फिल्म की रोकथाम के दिए थे आदेश, नही तो होगी कार्यवाही

8 वर्ष पहले केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 100 के तहत वाहनों के विंडस्क्रीन व खिड़कियों पर काली फिल्म लगाने से रोकने का मामला। काली फिल्म लगे वाहनों का चालान ही नहीं काटेगी, ट्रैफिक पुलिस वहीं पर काली फिल्म भी हटवाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों तथा पुलिस कमिश्नरेट को निर्देश जारी कर केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के तहत नियम 100 के अनुसार सभी तरह के वाहनों के विंडस्क्रीन व खिड़कियों के शीशों पर लगी काली फिल्मों को हटाने व भविष्य में किसी भी वाहन के शीशों पर इस तरह की फिल्म नहीं लगे इसकी रोकथाम करने के आदेश दिए हैं। ऐसा नहीं करने की शिकायत मिलने पर सुप्रीम कोर्ट संबंधित डीजीपी अथवा कमिश्नर के खिलाफ न्यायालय की अवमानना कानून 1971 के तहत कार्यवाही शुरू करने पर मजबूर होगी। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एके पटनायक तथा स्वतंत्र कुमार ने प्रार्थी अभिषेक गोयनका बनाम यूनियन ऑफ इंडिया की रिट पिटिशन संख्या 265/2011 में पारित अंतिम निर्णय को जारी करते हुए दिए थे। हालांकि काले शीशों के खिलाफ अदालत में महिलाओं के अपहरण व ज्यादती जैसे दुष्कर्म घटित होने के तर्क दिए गए लेकिन इन सबसे अधिक महत्व अदालत ने इस संबंध में बने हुए कानून की पालना करने को लेकर दिया। अत: मोटर वेहिकल एक्ट के नियम 100 के अनुसार तुरंत प्रभाव से वाहनों के शीशों पर किसी परसेंटेज की वी एलटी वाली फिल्म सहित किसी भी तरह का मेटिरियल नहीं लगाया जा सकेगा।

यह है सुप्रीम कोर्ट के आदेश...

1. इस मामले के स्पष्टीकरण, संशोधन आदि को लेकर दायर किए गए सभी तरह के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं, हालांकि उन पर किसी तरह की कोस्ट नहीं लगाई गई है।
2. सभी पुलिस महानिदेशकों, कमिश्नरों को एक बार फिर से हिदायत दी जाती है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की तुरंत प्रभाव से पालना आरंभ करें वे किसी भी वाहन के विंडस्क्रीन व शीशों पर किसी तरह की फिल्म या मेटिरियल स्वीकार नहीं करेंगे।
3. आदेशानुसार पुलिस अधिकारी ऐसे वाहनों का सिर्फ चालान ही नहीं करेंगे बल्कि तुरंत प्रभाव से उनके विंडस्क्रीन व खिड़कियों से काली फिल्म भी हटवाना सुनिश्चित करेंगे।
4. सबसे अहम आदेश यह है कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यह स्पष्ट चेतावनी दी जाती है कि आज के बाद यदि किसी भी राज्य अथवा कमिश्नरेट में सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश की पालना नहीं करने की शिकायत मिलती है तो अदालत संबंधित डीजीपी व कमिश्नर के खिलाफ बजाय किसी प्रोसीडिंग्स के शुरू करन के वह बिना किसी नोटिस के जारी किए उक्त अधिकारी के खिलाफ न्यायालयों की अवमानना कानून 1971 के तहत एक्शन लेगा।

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