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लोक डाउन ने तोड़ी संक्रमण की चेन, 10 दिन पहले थे सभी बेड फूल, अब 52% बेड खाली।
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| फ़ाइल फोटो |
भोपाल। लगातार लगे लॉकडाउन ने कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ दी है, इसका असर भी अब दिखने लगा है। भोपाल में नए केस अब 600 से कम मिलने लगे हैं, वहीं संक्रमण दर भी 25.59% घटकर 10.59% पर आ गई है। सबसे सुखद यह है कि 10 दिन पहले शहर के 110 से ज्यादा कोविड अस्पतालों के सभी 9079 बेड फुल थे। बेड के लिए मरीज भटक रहे थे, कइयों ने अस्पतालों के गेट पर ही दम तोड़ा है। लेकिन अब हालात बदले हैं, बुधवार को इनमें से 4736 बेड खाली थे। सामान्य, आईसीयू, ऑक्सीजन वाले सभी बेड आसानी से मिल रहे हैं। पूरे अप्रैल और 8 मई तक फुल रहा शहर के सबसे बड़ा कोविड सेंटर हमीदिया अस्पताल भी खाली पड़ा है। यहां 680 बेड में से 453 खाली हैं, ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 240 बेड में से सिर्फ 33 पर मरीज हैं। आईसीयू और एचडीयू के 310 बेड में से 182 खाली पड़े हैं। 10 दिन पहले यहां 105 मरीज वेंटिलेटर पर थे, अब 75 ही हैं। यहां बेड की स्थिति दिन में तीन बार अपडेट की जा रही है। अस्पताल के डी-ब्लॉक में 30-30 बेड के दो कोविड वार्ड खाली हैं, इसलिए इसे बंद कर दिया गया है, इनकी साफ-सफाई चल रही है।
राजधानी में कोरोना के नए संक्रमितों की संख्या घटने के साथ ही श्मशान भी सूने होने लगे हैं। यह बहुत ही राहत भरी खबर है कि भोपाल में कोरोना से अब हर दिन होने वाली मौतें 45% तक घट गई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में जहां रोज करीब 130 कोविड अंतिम संस्कार हो रहे थे, वे मई के दूसरे हफ्ते में औसतन 80 तक हो रहे हैं। बुधवार को तीनों श्मशानों-कब्रिस्तान में 50 ही अंतिम संस्कार हुए। लेकिन, सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कोविड मौतों और श्मशानों में हो रहे अंतिम संस्कार में अंतर बना हुआ है। बुधवार को इस रिकॉर्ड में सिर्फ 14 कोविड मौतें ही दर्ज हैं। इधर, शहर में हर दिन मिलने वाले नए केस की स्थिति अब अप्रैल के पहले हफ्ते जैसी हो गई है। अब 650 के आसपास नए केस मिल रहे हैं, इतने केस 4 से 8 अप्रैल के बीच मिल रहे थे। लेकिन, सरकारी मौतों का आंकड़ा अब भी रोजाना 7 का बना हुआ है। भोपाल में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या एक लाख से ज्यादा (102546) हो चुकी है। रिकवरी रेट भी 87 फीसदी हो गया है। इनमें से 29490 मरीज अप्रैल में स्वस्थ हुए, जबकि इस महीने 38322 नए केस मिले थे। मई में हालात बहुत हद तक सुधरे, इन 18 दिनों में 25011 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में सिर्फ दो शहर भोपाल और इंदौर ही ऐसे हैं, जहां स्वस्थ होने वाले मरीज एक लाख से ज्यादा हैं। तीसरे नंबर पर ग्वालियर है, जहां 51681 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। ठीक होने वालों का आंकड़ा इस महीने तेजी से बढ़ेगा, क्योंकि जो लोग अप्रैल के आखिरी दस दिन में संक्रमित हुए थे, वे रिकवर होंगे।
तीसरी लहर से निपटने के इंतजाम शुरू कर दिए हैं, जरूरत पड़ने पर बेड और बढ़ाए जाएंगे, यदि बेड खाली रहते हैं तो यहां सामान्य मरीजों को भर्ती करेंगे।
विश्वास सारंग, मंत्री, चिकित्सा शिक्षा विभाग
अब हमारा पूरा फोकस तीसरी लहर पर है, सभी मेडिकल कॉलेजों से यह जानकारी मांगी है कि तीसरी लहर से निपटने के लिए क्या तैयारी कर रहे हैं।
अविनाश लवानिया, कलेक्टर
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