मानवता शर्मशार :- चचेरी दादी ने 5 बच्चों को बनाया बंधक, 22 लाख व बीमा की रकम हड़पना चाहती थी चचेरी दादी। - Ghatak Reporter

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Thursday, May 20, 2021

मानवता शर्मशार :- चचेरी दादी ने 5 बच्चों को बनाया बंधक, 22 लाख व बीमा की रकम हड़पना चाहती थी चचेरी दादी।

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मानवता शर्मशार :- चचेरी दादी ने 5 बच्चों को बनाया बंधक, 22 लाख व बीमा की रकम हड़पना चाहती थी चचेरी दादी।


मानवता शर्मशार :- चचेरी दादी ने 5 बच्चों को बनाया बंधक, 22 लाख व बीमा की रकम हड़पना चाहती थी चचेरी दादी।

वाराणसी में इंसानियत को तार-तार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां दंपती की मौत के बाद उनके बैंक खाते और बीमा पॉलिसी के करीब 25 लाख रुपए हड़पने के लिए उनकी तीन बेटियां और दो बेटों को चचेरी दादी ने बंधक बना लिया। मोहल्ले के ही एक व्यक्ति की सूचना के आधार पर बाल संरक्षण अधिकारी ने पुलिस की मदद से छापा मार कर पांचों बच्चों को मुक्त कराकर चाइल्ड लाइन भिजवाया। बच्चे डरे-सहमे हुए हैं, बाल कल्याण समिति उनका काउसंलिंग कराएगी। बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह को सुखविंदर नाम के एक शख्स ने बुधवार की शाम फोन किया। बताया कि पांच बच्चों के माता-पिता की मौत हो गई है, मां-बाप की मौत के बाद बच्चों को उनकी चचेरी दादी के द्वारा किरहिया, शंकुलधारा के पास एक किराए के मकान में रख दिया गया है। किसी के जाने पर चचेरी दादी कहती है कि वह बच्चों की अच्छे से देखभाल कर रही है। जबकि पड़ोसियों का कहना है कि बच्चों की देखभाल अच्छे से नहीं की जा रही है और वह परेशान हैं। बाल संरक्षण अधिकारी ने सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी को दी। उनके निर्देश के आधार पर जिला बाल संरक्षण इकाई से राजकुमार, वंदना श्रीवास्तव, चाइल्ड लाइन से घनश्याम, सुनीता और पुलिस की टीम लेकर बाल संरक्षण अधिकारी किरहिया, शंकुलधारा पहुंची। टीम के वहां जाने पर पता लगा कि बच्चों के पिता की मौत चार माह पहले सड़क हादसे में और मां की बीमारी के कारण 15 दिन पूर्व मौत हो गई थी।

टीम को पूछताछ में पता लगा कि पांचों बच्चों के दादा आस्ट्रेलिया में रहते हैं। उन्होंने अपने बेटे के जिंदा रहते लगभग 22 लाख रुपए घर बनवाने के लिए भेजा था। बेटे की मृत्यु होने पर बच्चों की मां बैंक खाते की नामिनी थी। उनकी भी मृत्यु हो गई तो इसके बाद चचेरी दादी और उनके घर वाले उस पैसे को निकालने के चक्कर में थे। आवश्यक दस्तावेज न दिखा पाने के कारण बैंक ने पैसा नहीं निकालने दिया था, इस पैसे के अलावा LIC की पॉलिसी भी थी। जब टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि पांचों बच्चों में से एक बच्ची को चचेरी दादी द्वारा पड़ोसी की बेटी को सौंप दिया गया था। टीम द्वारा उस बच्ची तथा अन्य चारों बच्चों को रेस्क्यू कर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। इसके साथ ही बैंक पासबुक और LIC पॉलिसी के दस्तावेज को भी कब्जे में किया गया। फिलहाल तीनों बच्चियों और दो बच्चों को चाइल्ड लाइन में रखा गया है। कोविड-19 का टेस्ट कराने के बाद बच्चों को क्वारैंटाइन सेंटर में रखा जाएगा, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बच्चों के दादा का नंबर मिला है, उस पर बात करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है।

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