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Wednesday, May 19, 2021
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देंखें अनोखी शव यात्रा, मूक जानवरों के प्रति आज भी जिंदा है मानवीय संवेदनाएं; यहाँ क्लिक कर पढ़े पूरी खबर।
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समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर में अनोखी शवयात्रा निकली। फूल-माला और कफन में लिपटे टॉनी (पालतु कुत्ता) के पीछे-पीछे पूरा गांव चल पड़ा, सबकी आंखें नम थीं। मालिक के घर का ही नहीं, पूरे मुहल्ले का वह रक्षक था, इसलिए सब प्रेम की डोर से खिंचे चले आए। सोनपुर मेले से जब से मालिक ने उसे खरीदकर लाया, मालिक के घर की हालत ही बदल गई। सुख-समृद्ध आई, इसलिए अंतिम यात्रा में-तेरी मेहरबानियां...गीत भी बजे। घटना समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड की शेरपुर पंचायत का है। यहां के नरेश साह ने अपने कुत्ते की मौत होने के बाद मंगलवार को हिंदू रीति-रिवाज से उसकी अंतिम विदाई दी। बैंड-बाजे की धुन के बीच टॉनी की शवयात्रा में चलते लोगों की आंखें नम थीं। नरेश ने बताया कि टॉनी मेरे लिए सिर्फ कुत्ता नहीं, बल्कि हमारे घर-टोला का रक्षक भी था। वह हम सभी की जिंदगी का हिस्सा था। नरेश ने अपने कुत्ते की शवयात्रा के लिए सारे इंतजाम किए। एक ठेले पर उसका शव रखा। फूल-माला और कफन से कुत्ते के शव को लपेट कर रखा। साउंड सिस्टम भी ठेले पर ही लगाया। जहां-जहां से ये शवयात्रा निकली, लोग जुड़ते चले गए।
पेशे से ग्रामीण चिकित्सक नरेश कुमार साह ने बताया कि 12 साल पहले सोनपुर मेले से इस विदेशी नस्ल के कुत्ते को खरीदकर लाया था। बचपन से ही उसे दुलार से पाल रखा था, घर के सदस्यों जैसा था। टॉनी आसपास के लोगों की भी आंखों का तारा था। उसकी मौत के बाद हम सबने मिलकर उसे ऐसी विदाई देने की सोची, जो लोगों के लिए प्रेरणा बन सके। जिस तरह से आदमी की मौत पर अंतिम यात्रा निकाली जाती है, उसी तरह टॉनी की मौत के बाद उसके लिए अर्थी बनवाई और उसकी अंतिम यात्रा निकाली गई। गंगा की सहायक वाया नदी किनारे उसे दफनाया गया। नरेश ने बताया कि उसके लिए यह कुत्ता काफी भाग्यशाली था। उसने जब से घर के अंदर कदम रखा, घर में तरक्की शुरू हो गई। आज जब कुत्ता मरा तो तेरी महरबानियां गाने के साथ कुत्ते की शवयात्रा निकाली गई। टॉनी के सम्मान में ग्रामीणों ने उसके शव के ऊपर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उसकी शव यात्रा के पीछे हुजुम उमड़ पड़ा, लगा गांव का कोई बड़ा आदमी मरा है।
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