रायसेन/उदयपुरा, प्रसाशन की नाक के नीचे जोरो से चल रहा 52 पत्तो का खेल, कई जगह जमे जुआ के फड़, हजारों-लाखों के लग रहे हैं दाव। - Ghatak Reporter

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Friday, November 5, 2021

रायसेन/उदयपुरा, प्रसाशन की नाक के नीचे जोरो से चल रहा 52 पत्तो का खेल, कई जगह जमे जुआ के फड़, हजारों-लाखों के लग रहे हैं दाव।

यह भी पढ़े :- आईबीएन और तहलका यूट्यूबर दलाल अजय आहूजा का यह खेल कोई नया नहीं, यह सब ब्लैकमेल करने का इसका पुराना तरीका। https://www.ghatakreporter.com/2020/12/blog-post_842.html इस दलाल की जब हमने पोल खोलना प्रारंभ की तो इसने हमारी हत्या की साजिश रची तो एक लेख इसके लिये हमने लिखा नीचे लिंक को खोलकर अवश्य पढ़ें https://www.ghatakreporter.com/2020/12/blog-post_529.html Thank you Chief Editor GHATAK REPORTER BHOPAL

प्रसाशन की नाक के नीचे जोरो से चल रहा 52 पत्तो का खेल, कई जगह जमे जुआ के फड़, हजारों-लाखों के लग रहे हैं दाव।

रायसेन/उदयपुरा, प्रसाशन की नाक के नीचे जोरो से चल रहा 52 पत्तो का खेल, कई जगह जमे जुआ के फड़, हजारों-लाखों के लग रहे हैं दाव।

घातक रिपोर्टर, दुर्गेश तिवारी, रायसेन/देवरी।
उदयपुरा। रायसेन जिले के अंतर्गत आने वाले उदयपुरा थाने के ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह 52 पत्तो का खेल चल रहा है। दीवाली के पर्व की शुरुआत होते ही कई लोग अपनी किश्मत आजमाने के लिए प्रशासन की नाक पर बैठ कर जुआ खेल रहे है। दीपावली करीब आते ही वही ग्रामीण इलाको में जगह-जगह जुए की महफिल सज गई। पेशेवर जुआरी पत्तो पर लाखों रुपये दांव दाब लगा रहे हैं। वहीं दीपावली पर शौकीन लोग भी ताश के पत्ते फेंट रहे हैं। इससे जुआ अड्डे गुलजार हैं। शाम होते ही जुआरियों का अड्डा जमा हो जाता है, सट्टा व जुआ के गंदे खेल से बच्चे भी अछूते नहीं है। छोटे उम्र के बच्चे भी जुए व सट्टे के कारोबार में शामिल हैं। जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। ज्ञात हो कि दीपावली के पूर्व जुआ को बढ़ावा देने वाले लोगों के चेहरे की रौनक बढ़ गयी है।

कई स्थानों पर तो रसूखदारों के द्वारा उनके घरों पर भी कमीशन लेकर जुआ खिलवाया जा रहा है। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नही हो रही है, पुलिस जुआ को बढ़ावा देने वाले व जुआरियों की गिरफ्तारी में पुलिसिया रिकार्ड भी बेहतर नहीं है। 52 पत्तो का ये खेल कहि ना कहि छोटे परिवारों के लिए घातक हो सकता है और सवाल ये उठता है कि पुलिस की नाक के नीचे ये खेल चल रहा है तो इसमें जिम्मेदार कौन है।

क्षेत्र में कानून व्यवस्था इस तरह बिगड़ी है कि आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों को पुलिस का जरा भी भय नहीं है। उदयपुरा के आसपास के सभी गांवों में करीब एक माह से जुआ चल रहा है। पहले तो कभी कभार एक-दो छोटे प्रकरण बनाकर खानापूर्ति कर दी जाती थी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में एसी किसी प्रकार की मुहिम को अंजाम नहीं दिया जाता है। इस कारण जुए के अड्डे वालों के हौसले बुलंद हैं वे अपने काम को खुलेआम संचालित कर रहे हैं।

नजर चुराता प्रशासन

स्थानीय प्रशासन के अलावा जिला प्रशासन ने भी आंखें बंद कर ली है। उदयपुरा के आसपास के गांवों में चल रहे अवैध कारोबार से कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और बर्बादी की कगार पर है। स्थिति यह है कि उदयपुरा के आसपास के गांव जहां खुलेआम जुआ चल रहा है, इन गांवों की तरफ नजर करना तो दूर की बात वे इस मामले से अनभिज्ञ ही बने हुए हैं। क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबार से प्रशासन नजर चुरा रहा है और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर रहा है।

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