रायसेन/सिलवानी, जैन तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर की पवित्रता व सुचिता को अक्षुण्य बनाए रखने अखण्ड जैन समाज ने पीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन। - Ghatak Reporter

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Thursday, January 20, 2022

रायसेन/सिलवानी, जैन तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर की पवित्रता व सुचिता को अक्षुण्य बनाए रखने अखण्ड जैन समाज ने पीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

जैन तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर की पवित्रता व सुचिता को अक्षुण्य बनाए रखने अखण्ड जैन समाज ने पीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

रायसेन/सिलवानी, जैन तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर की पवित्रता व सुचिता को अक्षुण्य बनाए रखने अखण्ड जैन समाज ने पीएम के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

घातक रिपोर्टर, जसवंत साहू, रायसेन/सिलवानी।
सिलवानी। जैन समाज के प्रसिद्व तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर की पहाड़ी की पवित्रता व सुचिता को अक्षुण्य बनाए रखने व क्षेत्र को पवित्र धर्म स्थल धोशित किए जाने की मांग करते हुए जैन समाज के लोग एकत्रित होकर एसडीएम कार्यालय पहुचें व प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम संघमित्रा बौद्ध को एक मांग पत्र सौंप कर कार्रवाही की मांग की। श्रीपार्ष्वनाथ दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष सिंधई सुनील कुमार जैन व महामंत्री सिंधई कौशल कुमार जैन के नेृतत्व में एकत्रित हुए अखण्ड जैन समाज के लोग एसडीएम कार्यालय पहुचें व प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम संघमित्रा बौद्व को एक मांग पत्र सौंपा। जिसमें उल्लेख किया गया है कि झारखंड राज्य के गिरिडीह जिले के मधुबन में स्थित श्री सम्मेद शिखर जी पहाड़ी पौरोणिक काल से ही जैन धर्म के अनुयायिओं का सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र रहा है। जैन धर्म के कुल 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों की निर्वाण स्थली होने के कारण संपूर्ण जैन समाज के लिये श्री सम्मेद शिखर जी पहाड़ का कण-कण एक मंदिर परिसर के समान पूज्यनीय एवं वंदनीय है। साल के बारहों महीनें विश्व भर से लाखों जैन तीर्थयात्री बेहद श्रद्धाभाव के साथ व्रत धारण कर नंगे पैर और शुद्ध सूती वस्त्रों में शरीर को गला देने वाली ठंड या फिर झुलसा देने वाली गर्मी में झारखंड की सबसे उंची पहाड़ी की 27 किलोमीटर की इस बेहद कठिन चढ़ाई वाले पहाड़ पर वंदना करने जाते है। सभी जैन तीर्थयात्री पारसनाथ पहाड़ की पवित्रता अक्षुण्य बनाए रखने को अपना सर्वोच्च कर्तव्य समझते है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि लेकिन पिछले कुछ महीनों से श्रद्धा के इस अक्षुण्य तीर्थ स्थल की पवित्रता और सुचिता को सैर सपाटे व पिकनिक के नाम पर नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पिकनिक, ट्रेकिंग या फिर मात्र मनोरंजन के लिये आने वाले यात्री इस पवित्र पहाड़ पर मांसाहार व शराब का सेवन करते पाए गए हैं जो अहिंसा व शान्ति प्रेमी जैन समुदाय के लिये बेहद पीड़ाजनक है। साथ ही साथ कभी भी कोई छोटी सी चिंगारी इस पूरे क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देश में एक बड़े विवाद व विरोध का कारण बन सकती है। जैन धर्म के इस शाश्वत तीर्थ क्षेत्र की एक निश्चित परिधि मधुबन सहित सम्पूर्ण पारसनाथ पहाड़ी पर मांसाहार व शराब का विक्रय के साथ-साथ सेवन के भी कड़े प्रतिबंध व दण्ड को लेकर राजाज्ञा जारी की जानी चाहिये। इस मौके पर एडवोकेट संतोश कुमार जैन, बजाज निर्मल कुमार जैन, श्रीतारण तरण जैन समाज के संरक्षक रिशब कुमार जैन, महामंत्री संजय समैया, सिंधई चंद्रकुमार जैन, अभिषेक सिंधई, टिक्कु सिंधई, सुनील बैधराज, विभोर नायक, सौरभ जैन, हेप्पी सेठ, चिन्टू पटेल सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहें।

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