Post Top Ad
Sunday, February 20, 2022
Home
टॉप न्यूज़
ताजा खबर
मध्य प्रदेश
रायसेन
विडियो
संपादकीय
शिक्षा पर जीरो ग्राउंड रिपोर्ट :- शाला के प्रधानाध्यापक 10 वर्षों से अन्य कार्यालय में अटैच, बच्चों के भविष्य पर भारी शिक्षकों की लापरवाही।
शिक्षा पर जीरो ग्राउंड रिपोर्ट :- शाला के प्रधानाध्यापक 10 वर्षों से अन्य कार्यालय में अटैच, बच्चों के भविष्य पर भारी शिक्षकों की लापरवाही।
घातक रिपोर्टर, अरविंद सिंह जादौन, भोपाल।
9329393447/9009202060
रायसेन। एक तरफ जहां सरकार बच्चों की शिक्षा को लेकर संवेदनशील है और प्रयासरत है कि ग्रामीण और सुदूर अंचलों में रहने वाले बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए बेहतर से बेहतर शिक्षा बच्चों को दिला सके मगर शिक्षक एवं शिक्षिकाएं हैं कि सरकार की मंशा पर पानी फेरने से बाज नहीं आ रहे। जबकि शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निरंतर लापरवाह शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं पर कार्यवाही कर रहे हैं। वहीं कुछ शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने जुगाड़ के चलते बच निकलते हैं व शिक्षक एवं शिक्षिकाएं अपने कर्तव्यों के प्रति जवाब दे होने को बिल्कुल तैयार नहीं है।
हम आप को लेकर चलते हैं ऐसी ही जीरो ग्राउंड रिपोर्ट पर जो हमने बीते शानिवार 19-02-2022 को हमने जीरो ग्राउंड पर जाकर रिपोर्ट बनाई तो शिक्षक एवं शिक्षिकाएं स्कूल से नदारद मिले। यह रिपोर्ट मध्य प्रदेश की राजधानी से लगे जिले रायसेन की है। जहां राजधानी से मात्र 25 किलोमीटर दूर ग्राम एकीकृत शासकीय हाई स्कूल बरखेड़ा सेतु में जाकर रिपोर्ट तैयार की तो पता चला कि शिक्षक-शिक्षिकाओं को जहां 10.30 बजे कक्षाओं में होना चाहिए था वह 11.00 बजे तक भी शिक्षक अपने स्कूलों में नहीं पहुंचे। स्कूल के मेन गेट पर ताले लगे मिले तो वही बच्चे अपने भविष्य को संभालने के लिए मेन गेट से बाउंड्री कूदकर स्कूल में अंदर प्रवेश करते हुए मिले। जबकि बच्चे आसपास के ग्रामीण अंचल से इस स्कूल मैं अध्ययन के लिए आते हैं। यहां पर अध्यनरत बच्चे तो समय पर आए हुए मिले मगर एक भी शिक्षक या शिक्षिका समय पर उपस्थित नहीं मिले। जब हमें बच्चों से बात की तो बच्चे जहां अपने भविष्य को लेकर संवेदनशील दिखे वही शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की संवेदनशीलता का अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब वह स्कूलों में समय से नहीं पहुंच रहे तो क्या उनके यहां पर अनुशासन होगा और क्या पढ़ाई वह करवाते होंगे इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
हालाकि यहां के छात्रों का शैक्षणिक स्तर और उसकी गुणवत्ता क्या है या तो पता जांच के बाद ही मालूम पड़ेगा। यह स्थिति तो जब है कि यह स्कूल राजधानी भोपाल से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को न तो जिले के अधिकारियों की कार्यवाही का कोई डर नजर आता है ना ही राजधानी के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कोई कार्यवाही का डर नजर आता और ना ही यह अपने कर्तव्य के प्रति संवेदनशील दिखाई देते। यह हाल तो तब है जब अभी पिछले हफ्ते में ही रायसेन जिले के एक स्कूल प्राचार्य एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पर निलंबन की कार्यवाही की गई है। बावजूद इसके इस माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं समय पर नहीं पहुंच रहे हैं।
इस शाला में शिक्षक-शिक्षिकाओं की बात करें तो यहाँ पर लगभग 11 शिक्षक-शिक्षिकाएं पदस्थ हैं जिनमें अशोक कुमार चतुर्वेदी उच्च श्रेणी शिक्षक जैसे शिक्षक है जिनका वेतन लगभग 100000 रु प्रतिमाह है। तथा बाकी शिक्षक के वेतन भी 60000 रुपए के आसपास है। फिर भी यहाँ के शिक्षक ग्रामीण अंचलों के बच्चों के भविषय से खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर जहां ग्रामीण चिंचित है तो ग्राम वासियों में शिक्षकों के प्रति काफी नाराजगी के साथ दबी जबान में शिक्षकों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की बात करते है। इस संबंध में जब हमने रायसेन जिले के डीपीसी सीबी तिवारी से जीरो ग्राउंड रिपोर्ट से ही फोन लगाकर जानना चाहा तो उनका कहना था की शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को समय पर शालाओं में पहुंचाना चाहिए और अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। अगर माध्यमिक शाला में या हाई स्कूल में जो भी शिक्षक-शिक्षिकाएं समय पर नहीं पहुंच रहे हैं तो जांच कराकर नियम अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
हैरानी इस बात की है की राज्य शिक्षा केंद्र के आयुक्त तथा भोपाल संभाग के लोक शिक्षा संयुक्त संचालक तोमर के द्वारा सघन निरीक्षण का अभियान भोपाल संभाग के सभी पांचों जिलों में 3 दिन के लिए चलाया गया था। जिसमें शनिवार का दिन भी शामिल था। बाबजूद इसके प्रातः 11.00 बजे तक कोई भी शिक्षक-शिक्षिकाएं शाला में उपस्थित नहीं मिले। यहाँ तक की शाला के मेन गेट पर ताले लटके मिले। इससे स्पष्ट है की कहीं भी शासन-प्रशासन का भय यहां के शिक्षकों मैं बिल्कुल भी नहीं है। जबकि यहां पर लगभग 11 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में भोपाल संभाग के संयुक्त संचालक महोदय ने बोर्ड परीक्षा उपरांत भी कक्षाओं के संचालन की हिदायत दे रखी है लेकिन यहां की स्थिति से ऐसा लगता है कि यह सब बातें कहने-सुनने की ही अच्छी लगती है, लेकिन इस का पालन कोई नहीं कर रहा है।
सूत्रों की मानें तो यहां के प्रधानाध्यापक गोयल 10 वर्षों से जिला शिक्षा अधिकारी रायसेन कार्यालय में अटैच है। इनको भी छात्र-छात्राओं के भविष्य से कोई लेना देना नहीं। कई ग्रामीण इस बात को जानते हैं इसलिए प्रधान अध्यापक के प्रति भी ग्राम वासियों में काफी नाराजगी है। साथ ही ऐसे प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते हैं।
प्राचार्य की ड्यूटी बोर्ड की परीक्षाओं में लगाई गई है। बाकी शिक्षक-शिक्षिकाओं को समय पर माध्यमिक शाला में पहुंचना चाहिए। जो भी शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने कर्तव्य के प्रति उदासीन है जांच कराकर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
डीपीसी रायसेन, सीबी तिवारी
Tags
# टॉप न्यूज़
# ताजा खबर
# मध्य प्रदेश
# रायसेन
# विडियो
# संपादकीय
Share This
About Ghatak reporter
संपादकीय
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Post Bottom Ad
Author Details
माता रानी की कृपा एवं मात्र पित्र आशीर्वाद
यह वैबसाइट दैनिक एवं साप्ताहिक घातक रिपोर्टर समाचार पत्र का अंग है जो आपकी बात प्रशासन के साथ कहता है, जनता से जुड़े हर मुद्दे को मंच देता है ताकि जनता को न्याय मिल सके। घातक रिपोर्टर समाचार पत्र का प्रकाशन प्रदेश की राजधानी भोपाल से किया जा रहा है जहां से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार की जाती है। घातक रिपोर्टर हिंदी भाषी समाचार पत्र, यू ट्यूब न्यूज चैनल व घातक रिपोर्टर वैबसाइट है जो अपने मूल मंत्र "खबर हमारी प्र्तयेक अपराधी पर भारी" के साथ आगे बढ़ रहा है। घातक रिपोर्टर एक एसी सोच की उपज है जो लोकतन्त्र के चौथे स्तम्भ "मीडिया" की दुनिया में नया अध्याय लिखना चाहते है। घातक रिपोर्टर की कुशल टीम सरोकारी पत्रकारिता को नये आयाम देते हुए न्याय दिलाने की हर कसौटी पर खरी उतरने की ओर अग्रसर है। देश और दुनियां की खबरों के लिए रहें हमारे साथ।
हमारे बिना अप्रतिनिधि वाले क्षेत्रों मैं प्रतिनिधि बनने के लिए संपर्क करें -
Mo. No. - 9329393447, 9009202060
Email - ghatakreporter@gmail.com
Website - www.ghatakreporter.com



No comments:
Post a Comment
ghatakreporter.com मै आपका स्वागत है।
निस्पक्ष खबरों के लिए निरंतर पढ़ते रहें घातक रिपोर्टर
आपकी टिप्पड़ी के लिए धन्यवाद