रायसेन, दो साल बाद कोरोना भूलकर देवी मंदिरों में की तैयारियां पूरी, नवरात्र में मंदिरों में मेले। - Ghatak Reporter

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Saturday, April 2, 2022

रायसेन, दो साल बाद कोरोना भूलकर देवी मंदिरों में की तैयारियां पूरी, नवरात्र में मंदिरों में मेले।

दो साल बाद कोरोना भूलकर देवी मंदिरों में की तैयारियां पूरी, नवरात्र में मंदिरों में मेले।

रायसेन, दो साल बाद कोरोना भूलकर देवी मंदिरों में की तैयारियां पूरी, नवरात्र में मंदिरों में मेले।

घातक रिपोर्टर, राकेश दुबे, रायसेन।
रायसेन। नव विक्रम संवत 2079 का शुभारंभ शनिवार को गुढ़ी पड़वा तथा चैत्र नवरात्रि पर्व का शुभारंभ 2 अप्रैल को प्रारंभ हुआ। इसके साथ ही इस दिन भगवान झूलेलाल जयंती एवं गौतम जयंती भी श्रद्धभक्ति के माहौल में मनाई। इन नवरात्रि में किसी भी तिथि का घट-बढ़ नहीं होने के कारण नवरात्रि महोत्सव पूरे नौ दिन मनाया जाएगा। इन नौ दिनों में 4 सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ मुहूर्तों के राजा रवि पुष्य योग नवमीं तिथि के दिन घटित हो रहा है। नवरात्रि महोत्सव की तैयारियां सभी देवी मंदिरों में अंतिम चरण में शनिवार को शाम तक चलती रही। शक्ति धाम देवी दुर्गा मंदिर, खेरापति माता मंदिर, देवी दुर्गा मंदिर, खंडेरा वाली छौलेवाली माता रानी के दरबार, मां हिंगलाज माता बाड़ी, काली कंकाली शक्तिपीठ माता मंदिर गुदावल, बाराह माता मंदिर जामगढ़ भगदेई, नौदेवी शक्तिपीठ मुखर्जी नगर स्वामी शिवोम तीर्थ आश्रम रायसेन, हरसिद्धि माता मंदिर परवरिया आदि देवी मठों पर देवी भक्तों के लिए मेला आयोजित किए जाएंगे। इन देवी शक्तिपीठों में घट की स्थापना शुभ मुहूर्त में कर अखंड ज्योति देवी भक्तों ने जलवा दिए गए हैं।

रायसेन, दो साल बाद कोरोना भूलकर देवी मंदिरों में की तैयारियां पूरी, नवरात्र में मंदिरों में मेले।

ज्योतिषाचार्य पं. ओमप्रकाश शुक्ला सौजना के अनुसार नवरात्रि के दिन अंचल में घट स्थापना के शुभ मुहूर्त शुभ बेला सुबह 7.42 बजे से सुबह 9.14 बजे तक, अभिजित मुहूर्त सुबह 11.55 बजे से दोपहर 12.43 बजे तक, चंचल बेला दोपहर 12.08 बजे से दोपहर 1.40 बजे तक, लाभ बेला दोपहर 1.41 बजे से दोपहर 3.12 बजे तक, अमृत बेला दोपहर 3.13 बजे से शाम 4.44 बजे तक रहे। इन शुभ मुहुर्तों में घट स्थापना कर नौ देवियों की आराधना करना संकल्प सिद्धि के लिए विशेष शुभ फलप्रद रहा। नवरात्रि में धाता, आनंद एवं पदम योग के साथ-साथ सर्वार्थ सिद्धि योग एवं रवि पुष्य योग जैसे महायोगों का संगम भी रहा। 2 अप्रैल को धाता, 3 अप्रैल को आनंद योग और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6:31 बजे से दोपहर 12:38 बजे रहेगा। दूसरा सर्वार्थ सिद्धि योग 5 अप्रैल को सुबह 6.28 बजे से प्रारंभ होकर दूसरे दिन 6 अप्रैल को सुबह 6.26 बजे तक रहेगा। तीसरा सर्वार्थ सिद्धि योग 9 अप्रैल रात्रि 1.42 बजे से सुबह 6.24 बजे तक तथा चौथ सर्वार्थ सिद्धि योग 10 अप्रैल को सुबह 6.23 बजे से दूसरे दिन सुबह 6.50 बजे तक रहेगा। 8 अप्रैल को पदम योग भी रहेगा। 10 अप्रैल रवि पुष्य योग भी घटित हो रहा है। इसकी अवधि दूसरे दिन तक रहेगी।

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