शिवपुरी, ब्लेकमेलिंग प्रकरण में ध्रुव शर्मा की माननीय उच्चतम न्यायालय ग्वालियर से तीसरी बार भी जमानत याचिका खारिज। - Ghatak Reporter

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Tuesday, April 5, 2022

शिवपुरी, ब्लेकमेलिंग प्रकरण में ध्रुव शर्मा की माननीय उच्चतम न्यायालय ग्वालियर से तीसरी बार भी जमानत याचिका खारिज।

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शिवपुरी सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में कथित पत्रकारों के द्वारा ब्लैकमेलिंग का मामला।

यू ट्यूबर अजय आहूजा की ब्लैक मेलिंग गैंग? के साथी ध्रुव शर्मा की मा. उच्चतम न्यायालय ग्वालियर से तीसरी बार भी जमानत याचिका खारिज।

  • गैंग के आकाओं ने अस्पताल प्रबंधन पर दबाब बनाकर 25 लाख तक की वसूली के किए थे प्रयास ?

  • पुलिस प्रशासन के पास ब्लैकमेलिंग से संबंधित कॉल रिकॉर्ड वीडियो मौजूद ?

  • पिछले 6 महीने से जेल की सलाखों के पीछे बंद है 4 यूपी व उत्तरांचल के साथी

  • प्रेस कार्ड ही बने इसके गले की हड्डी ? पिछले डेढ़ महीने से है सलाखों के पीछे अजय आहूजा उर्फ अजय कुमार

  • तहलका इंडिया व आई बी एन के नाम से चलाता है यू ट्यूब चेनल

  • अपने आप को बताता था चेनल का सीएमडी

  • पत्रकारिता के नाम को कर रहे थे कलंकित ?


घातक रिपोर्टर, अरविंद सिंह जादौन, भोपाल।
9329393447
शिवपुरी। सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में कथित कुछ पत्रकारों के द्वारा भ्रूण हत्या (अवैध रूप से गर्भपात) के कथित वीडियो बनाए गए थे जिसके एवज में कथित पत्रकारों जिसमें अजय आहूजा उर्फ अजय कुमार पुत्र ओम प्रकाश निवासी वार्ड नं. 5 दुर्गा चौक मंडीदीप, रायसेन, मध्य प्रदेश वर्तमान निवासी उज्जेन, शिवपुरी के ध्रुव शर्मा , UP के मोहित भाटी पुत्र विशन सिंह भाटी ग्राम डबरा तहसील दादरी, गौतम बुद्ध नगर, उसकी महिला साथी पूजा त्यागी पुत्री लवकुश त्यागी निवासी आदित्य वर्ल्ड सिटी फ्लैट नं। 1309 गाजियाबाद, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश , व उत्तराखंड के सौरभ गावा की महिला साथी निवासी साक्षी सक्सेना पुत्री राजेश सक्सेना मकान नं। 397 दीप्तिगंज आसीन मध्य प्रदेश, इन सभी ने कथित वीडियो के बदले में सिद्धिविनायक हॉस्पिटल प्रबंधन को ब्लैक मेलिंग का नाकाम प्रयास किया था जिसमें 2 लाख की मांग की गयी थी।

गैंग के आकाओं ने अस्पताल प्रबंधन पर दबाब बनाकर 25 लाख तक की वसूली के किए थे प्रयास ?

सूत्रों की माने तो ब्लैकमेलर गैंग के आकाओं ने अस्पताल प्रबंधन पर दबाब बनाकर 5 लाख से लेकर 25 लाख तक की मांग की गई थी प्रकरण से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मामले में अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाकर मामले को दबाने के लिए 25 लाख रुपए तक की मांग रखी गई थी।

क्या हैं पूरा मामला

शिवपुरी के सिद्धिविनायक हॉस्पिटल में 20 अगस्त 2021 से पहले उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल से आये सौरभ गाबा साक्षी सक्सेना मोहित भाटी एवं पूजा त्यागी ने लिंग परीक्षण के कथित तौर पर स्टिंग वीडियो बनाए थे मगर उक्त वीडियो से संबंधित किसी भी समाचार पत्र डिजिटल वेब प्लेटफॉर्म या किसी भी टीवी चैनल से समाचारों का प्रकाशन नहीं किया गया बल्कि उक्त कथित वीडियो के बदले अस्पताल प्रबंधन से ₹200000 की राशि की मांग की गई पुलिस सूत्रों के अनुसार जब अस्पताल प्रबंधन से संबंधित वीडियो को लेकर ₹200000 की राशि मांग की गई तो अस्पताल प्रबंधन ने ब्लैकमेलिंग की शिकायत संबंधी आवेदन 20 अगस्त 2021 को ही एक शिकायती आवेदन पुलिस कोतवाली शिवपुरी में दिया था आवेदन के आधार पर पुलिस जांच कर ही रही थी की सितंबर के प्रथम सप्ताह में उक्त वीडियो को शिवपुरी के एक स्थानीय व्यक्ति की फेसबुक से अपलोड कर दिया गया वही फेसबुक पर अपलोड होने के बाद दूसरा व्यक्ति उक्त वीडियो को लेकर शिवपुरी सीएमएचओ के पास अस्पताल के द्वारा अवैध रूप से लिंग परीक्षण करने का शिकायती आवेदन लेकर पहुंचा सीएमएचओ शिवपुरी में मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर शिवपुरी को पत्राचार किया शिवपुरी कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत ही तीन लोगों का दल गठित कर उक्त वीडियो की जांच कराई जांच कराने के बाद कलेक्टर शिवपुरी एवं सीएमएचओ शिवपुरी के आवेदन पर कोतवाली शिवपुरी मैं दिनांक 7/9/2021 को अस्पताल के स्टाफ पूनम खान एवं रईस खान के विरुद्ध गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीकी ( लिंग चयन ) निषेध अधिनियम की धारा 22, 23, 18 (10) के तहत आईपीसी की धारा 419, 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया विडियो मैं अस्पताल की एक ओर नर्स सुनीता पाल दिखाई दी तो विवेचना के दौरान सुनीता पाल का नाम भी बढ़ा दिया गया। मामले की जांच जब पुलिस ने गंभीरता से की तो मामले में परत दर परत नए-नए खुलासे होते गए प्रकरण में पहली गिरफ्तारी सुनीता पाल की दिनांक 16/9/2021 को की गई मामले की जांच आगे बढ़ी तो एक ब्लैक मेलिंग का अंतरराज्यीय गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।


मामले की जांच आगे बढ़ी तो एक  ब्लैक मेलिंग करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। ब्लैक मेलिंग के मामले में पहली गिरफ्तारी दिनांक 2/10/2021 को पूजा त्यागी व मोहित भाटी की नोएडा से गिरफ्तारी की गई जो कि अभी तक जेल की सलाखों के पीछे हैं वहीं ब्लैक मेलिंग के प्रकरण में दूसरी गिरफ्तारी साक्षी सक्सेना वह सौरभ गावा की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर से 5/10/2021 को की गई इनकी गिरफ्तारी होते ही ब्लैकमेलर अजय आहूजा उर्फ अजय कुमार और अजय मूलचंदानी निवासी मंडीदीप, व ध्रुव शर्मा निवासी शिवपुरी भूमिगत हो गए। शिवपुरी पुलिस अधीक्षक को दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर पर 2 हजार रूपये का इनाम घोषित करना पड़ा था।


आखिर शिवपुरी पुलिस के द्वारा ध्रुव शर्मा शिवपुरी को 23/10/2021 को शिवपुरी से ही गिरफ्तार कर लिया गया, उसके बावजूद अजय आहूजा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस निरंतर मध्य प्रदेश के कई ठिकानों पर दबिश देती रही मगर कई महीने तक अजय अहूजा पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। सूत्रों की माने तो इसको फरारी के समय संरक्षण देने वालों में मंडीदीप-भोपाल, बाड़ी, उज्जैन, होशंगाबाद के अलावा उत्तर प्रदेश नोएडा में भी संरक्षण देने वाले इसके साथी रहे इन्हीं स्थानों पर इसने अपने फरारी का समय बिताया। सूत्रों की मानें तो फ़रारी के समय मंडीडीप के कई लोगों के निरंतर संपर्क मैं रहा। कहते हैं कि बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी उसी तर्ज पर दिनांक 12/02/2022 को ब्लैकमेलर अजय आहूजा को उज्जैन से शिवपुरी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया सूत्र बताते हैं मंडीदीप भोपाल उज्जैन एवं इंदौर में शिवपुरी पुलिस की तीन टीमें 3 दिनों तक डेरा डाले रही थी तब जाकर इस शातिर आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो पाई प्रकरण में अभी तक आरोपी सौरभ गावा ने एक बार भी जमानत का आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया। जबकि अजय आहूजा के एक बार मा॰ उच्चतम न्यायालय में जमानत का आवेदन प्रस्तुत करने के बाद लंबी बहस के बाद जमानत आवेदन वापस ले लिया। वहीं आरोपी साक्षी सक्सेना ने मा उच्चतम न्यायालय ग्वालियर में दो बार जमानत का आवेदन दिया दोनों बार माननीय न्यायालय ने जमानत का आवेदन पर बहस के बाद खारिज कर दिया वहीं आरोपी पूजा त्यागी ने एक बार माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर में अपना जमानत जमानत आवेदन प्रस्तुत किया मगर पूजा त्यागी को भी जमानत का लाभ नहीं मिल पाया वहीं मोहित भाटी ने भी जमानत का आवेदन माननीय उच्चतम न्यायालय ग्वालियर में एक बार प्रस्तुत किया मोहित भाटी को भी जमानत का लाभ अभी तक नहीं मिल पाया। डॉ रईस खान ने भी माननीय उच्च न्यायालय में एक बार जमानत आवेदन प्रस्तुत किया है डॉ रहीस खान को भी माननीय न्यायालय ने जमानत का लाभ नहीं दिया। वही पूनम खान के द्वारा अभी तक जमानत का कोई भी आवेदन माननीय न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया पूरे प्रकरण में अभी तक केवल सुनीता पाल को ही माननीय न्यायालय ने जमानत आवेदन पर जमानत का लाभ 20/10/2021 को दिया है जो कि अभी भी माननीय न्यायालय के आदेश पर जमानत पर हैं। अभी तक शिव पूरी निवासी ध्रुव शर्मा के द्वारा लगातार तीन बार माननीय उच्चतम न्यायालय ग्वालियर मै जमानत के लिए आवेदन लगाया है। ध्रुव शर्मा को भी जमानत का लाभ नहीं मिला पाया।

ध्रुव शर्मा का इस कारण हुआ जमानती आवेदन खारिज

दिनांक - 04/04/2022 सीआरपीसी की धारा 439 के तहत तीसरा आवेदन जमानत के लिए दायर किया। दूसरा आवेदन गुणदोष के आधार पर खारिज किया गया था । दूसरा आदेश दिनांक 11.2.2022 को निरस्त किया गया था । आवेदक के वकील ने इस संबंध में मा न्यायालय को बताया की दिनांक 23.10.2021 को ध्रुव शर्मा को गिरफ्तार किया गया है पुलिस थाना कोतवाली में दर्ज अपराध धारा 22, 23, 18(10) के तहत अपराध के लिए शिवपुरी कोतवाली मैं दर्ज है। जिला शिवपुरी मैं गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीकों के बारे में (लिंग चयन का निषेध) अधिनियम, धारा 420, 419, 467, 468, 471, आयुर्वेद अधिनियम की धारा 24 और धारा के तहत आईपीसी की 120-बी 66 आई.टी. कार्य किया गया । अभियोजन पक्ष के अनुसार, आवेदक इन सभी गतिविधियों मैं शामिल था। स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर अस्पताल को ब्लैकमेल करने में, तदनुसार, परिस्थिति में कोई परिवर्तन नहीं बताया जा सका आवेदक के लिए वकील मा न्यालय को ये विस्वास दिलाने मैं विफल रहे है की प्रकरण मैं आवेदक कोई लेना देना नहीं है। इसलिये जमानत के लिए दिया गया तीसरा आवेदन खारिज किया जाता है।


पुलिस प्रशासन के पास ब्लैकमेलिंग से संबंधित कॉल रिकॉर्ड वीडियो मौजूद

सूत्रों की माने तो अभियोजन पक्ष के पास ब्लैकमेलिंग से संबंधित डेढ़ सौ से ज्यादा कॉल रिकॉर्ड व 8 घंटे से ज्यादा की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है वही आरोपियों के द्वारा आपस में व्हाट्सएप पर ब्लैक मेलिंग से संबंधित की गई चेटिंग के स्क्रीनशॉट भी अभियोजन पक्ष के पास मौजूद है सूत्रों की माने तो प्रकरण में तीन से साढ़े तीन सौ पन्नों का चालान अलग-अलग आरोपियों का न्यायालय में पुलिस प्रशासन के द्वारा लगाया गया है जिसमें सारे सबूतों के साथ आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी शामिल किए गए हैं।
 

पिछले 6 महीने से जेल की सलाखों के पीछे हैं बंद 4 आरोपी

पिछले 6 महीने से जेल की सलाखों के पीछे हैं बंद है यूपी एवं उत्तरांचल के 4 साथी पिछले 6 महीने से अजय आहूजा की ब्लैकमेलिंग गैंग के 4 साथी सौरभ गाबा साक्षी सक्सेना मोहित भाटी एवं पूजा त्यागी जेल की सलाखों के पीछे हैं सौरभ गाबा व पूजा त्यागी को छोड़कर मोहित गवा मोहित भाटी वैशाखी सक्सेना ने भी माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा दिया है मगर इनको भी अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।

शिवपुरी, ब्लेकमेलिंग प्रकरण में ध्रुव शर्मा की माननीय उच्चतम न्यायालय ग्वालियर से तीसरी बार भी जमानत याचिका खारिज।

प्रेस कार्ड ही बने इसके गले की हड्डी ? पिछले डेढ़ महीने से है सलाखों के पीछे अजय आहूजा उर्फ अजय कुमार

पिछले डेढ़ महीने से सलाखों के पीछे बंद अजय आहूजा वहीं इसके प्रेस कार्ड ही बन गए इसकी गले की हड्डी। सूत्रों की मानें तो प्रकरण में लगाई गई धाराओं में इसके द्वारा बनाए गए प्रेस आईडी कार्ड ही इसके लिए मुसीबत बन गए अभी तक किसी भी सरकारी संस्थान में इसकी संस्था को पत्रकारिता से जुड़ी हुई कोई संस्था नहीं बताई है हालांकि पुलिस विभाग ने संबंध मै संबंधित विभागों से पत्राचार भी किया है इसके बाद इसके भी तहलका इंडिया डॉट कॉम यूट्यूब चैनल के बारे में कहीं भी कोई पत्रकारिता से संबंधित रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है उन्हीं धाराओं के आधार पर उक्त आरोपी को जमानत मिल पा रही है।

शिवपुरी, ब्लेकमेलिंग प्रकरण में ध्रुव शर्मा की माननीय उच्चतम न्यायालय ग्वालियर से तीसरी बार भी जमानत याचिका खारिज।

तहलका इंडिया व आई बी एन के नाम से चलाता है यू ट्यूब चेनल

तहलका इंडिया डॉट कॉम आईबीएन के नाम से चलाता था यूट्यूब चैनल कथित पत्रकार अजय आहूजा भोपाल व मंडीदीप में रहकर तहलका इंडिया वे आईबीएन के नाम से यूट्यूब चैनलों का संचालन करता था यह इतने शातिर तरीके से अपने चैनलों के कई बार नाम भी बदल लेता था की अधिकारी भी गच्चा खा जाएँ चैनलों के नाम में स्पेलिंग या डॉट की हेरफेर कर नए चैनल तुरंत बना लेता था।

शिवपुरी, ब्लेकमेलिंग प्रकरण में ध्रुव शर्मा की माननीय उच्चतम न्यायालय ग्वालियर से तीसरी बार भी जमानत याचिका खारिज।

अपने आप को बताता था चेनल का सी एम डी

अपने आपको चैनल का सीएमडी बताता था शातिर आरोपी अजय आहूजा दस्तावेजों में कूट रचना करने का आदि है। कई बार इसने अपने नाम में भी हेर-फेर कर बदलता रहा है। वही कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर अपने आप को चैनल का सीएमडी बताता था आश्चर्यजनक बात तो यह है कि यह शातिर आरोपी सैकड़ों अधिकारी कर्मचारियों पत्रकारों को आप को चैनलों का सीएमडी बताकर कोरोनावायरस प्रशस्ति पत्र भी बांट चुका है। जबकि इसके नाम कोई भी संस्थान रजिस्टर्ड नहीं है यहां आवश्यकता होती है इसके संस्थानों की भी जांच करने की अगर संस्थान में चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर है। तो कितने एंप्लाइज काम करते हैं कहां हैं अब कहां हैं क्या कर रहे हैं पिछले वर्षों में इसके प्रतिनिधियों व स्ट्रिंगरों ने क्या काम किया है। उनका क्या रिकॉर्ड रहा है यह भी जांच का विषय है।

शिवपुरी, ब्लेकमेलिंग प्रकरण में ध्रुव शर्मा की माननीय उच्चतम न्यायालय ग्वालियर से तीसरी बार भी जमानत याचिका खारिज।

पत्रकारिता के नाम को कर रहे थे कलंकित ?

ऐसे कथित पत्रकार लोग पत्रकारिता को तो कलंकित कर ही रहे हैं साथ ही समाज में घृणा, द्वेष एवं अपराधों को जन्म दे रहे हैं पत्रकारिता जगत में या सभ्य मानव समाज में ऐसे कृत्य करने वाले लोगों का कतई भी स्थान नहीं है हालांकि प्रशासन व न्यायालय इस ब्लैक मेलिंग के मामले में क्या निर्णय लेंगे यह देखना होगा।

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