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Tuesday, December 15, 2020

रायसेन/देवरी, प्रदेश के सबसे प्राचीन मानस मंच पर राम कथा कल से, ऋषिकेश से आएंगे स्वामी नित्यानंद गिरि जी महाराज।

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प्रदेश के सबसे प्राचीन मानस मंच पर राम कथा कल से, ऋषिकेश से आएंगे स्वामी नित्यानंद गिरि जी महाराज।

रायसेन/देवरी, प्रदेश के सबसे प्राचीन मानस मंच पर राम कथा कल से, ऋषिकेश से आएंगे स्वामी नित्यानंद गिरि जी महाराज।

घातक रिपोर्टर, दुर्गेश तिवारी, रायसेन/देवरी।
देवरी। क्षेत्र के ही नही पूरे प्रदेश के सबके प्राचीनचम मानस मंचो मे एक श्री रामचरित मानस सम्मेलन समिति पचामा के 54वे वार्षिक उत्सव समारोह का सप्तदिवसीय कार्यक्रम आज से ग्राम पचामा में आयोजित किया जाएगा। जिसमे ऋषिकेश उत्तराखंड से पधारे स्वामी श्री सदाशिव नित्या नंद गिरी जी महाराज के दिव्य मुखारविंद से श्रीराम कथा एंव दुर्लभ सत्संग सुनने को प्राप्त होगा। मानस सम्मेलन समिति पचामा मे सन 1967-68 से लगातार प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले मानस सम्मेलन की श्रृंखला में 54वा वार्षिक उत्सव 17 दिसंबर गुरुवार से प्रारंभ होगा। सप्त दिवसी राम कथा सत्संग 23 दिसंबर तक चलेगा, कार्यक्रम दोपहर 1.00 बजे से 5.00 बजे तक जिसमें प्रतिदिन सुबह के समय गीता स्वाध्याय स्वामी जी द्वारा एवं दोपहर में प्रवचन के साथ रात्रि में भी सत्संग गोष्ठी होगी। कार्यक्रम के शुभारंभ में उदयपुरा मंडी प्रांगण रामेश्वरम धाम से 11.00 बजे से संत अगवानी के साथ यात्रा ग्राम पनामा में कार्यक्रम स्थली पर पहुंचेगी। पचामा मानस सम्मेलन समिति के संयोजक समाजसेवी वरिष्ठ अधिवक्ता चतुर नारायण रघुवंशी ने बताया है कि यह समिति छोटे से ग्राम मैं 1967-68 से लगातार निरंतर प्रतिवर्ष मानस सम्मेलन आयोजित करती आ रही है। कार्यक्रम के प्रेरणा स्रोत ब्रह्मलीन चंद्रहसं जी महाराज एवं मानस प्रवक्ता सुंदरलाल दुबे (रानी पिपरिया) होशंगाबाद के साथ तपो मूर्ति गुरुजी बापौली बालों का आशीर्वाद प्राप्त होता रहा है। विगत 10 वर्षों से स्वामी नित्यानंद जी महाराज ऋषिकेश से पधार कर सत्संग श्रवण कराते हैं। नर्मदा अंचल के के साथ विभिन्न प्रांत से भी विद्वान गण कार्यक्रम में भाग लेते हैं लेकिन इस वर्ष कोरोना वायरस बीमारी के चलते कार्यक्रम को सीमित रूप में प्रतीक स्वरूप किया जा रहा है। समिति का उद्देश्य रामचरितमानस के माध्यम से शिक्षा संस्कृति एवं संस्कार को विकसित एवं प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम संरक्षक हरि शंकर सिंह रघुवंशी, मोहन सिंह रघुवंशी एवं ग्रामवासी डीपी पाठक, एन पी रघु, बालक राम रघु, भगवत सिंह आदिवासी आदि ने मानस प्रेमी जनों से कार्यक्रम के सहभागी बनने की अपील की है।

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