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Thursday, October 28, 2021

रायसेन/बरेली, घातक रिपोर्टर की खबर का हुआ असर :- आनन-फानन में बच्चों को बुलाकर खोले गए स्कूल के ताले।

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घातक रिपोर्टर की खबर का हुआ असर :- आनन-फानन में बच्चों को बुलाकर खोले गए स्कूल के ताले।

रायसेन/बरेली, घातक रिपोर्टर की खबर का हुआ असर :- आनन-फानन में बच्चों को बुलाकर खोले गए स्कूल के ताले।

घातक रिपोर्टर, राकेश दुबे, रायसेन/बरेली।
बरेली। नगर से 10 किलोमीटर दूर ग्राम सेमरी घाट में लगभग 1 माह से ज्यादा समय से मिडिल स्कूल पूर्णता बंद था। इस संबंध में घातक रिपोर्टर ने समाचार पत्र में खबर का प्रकाशन कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। घातक रिपोर्टर में खबर के प्रकाशन के बाद ग्राम के जागरूक नागरिकों के द्वारा इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संकुल प्राचार्य जन शिक्षक को दी गई थी।

रायसेन/बरेली, घातक रिपोर्टर की खबर का हुआ असर :- आनन-फानन में बच्चों को बुलाकर खोले गए स्कूल के ताले।
घातक रिपोर्टर ने प्रमुखता से लगाई थी खबर

कुंभकरण की नींद में सो रहा शिक्षा विभाग को भनक तक नहीं थी की स्कूल बंद है। गुरुवार को आनन-फानन में कुछ छात्र-छात्राओं को बुलाकर स्कूल के ताले खोले गए और स्कूल खुलवाया गया। ज्ञात हो कि मिडिल स्कूल सेमरी घाट में 30 विद्यार्थियों से ज्यादा संख्या मौजूद है, उनको पढ़ाई-लिखाई की कोई व्यवस्था नहीं थी।

रायसेन/बरेली, घातक रिपोर्टर की खबर का हुआ असर :- आनन-फानन में बच्चों को बुलाकर खोले गए स्कूल के ताले।

शिक्षक नहीं थे, अतिथि शिक्षकों की भर्ती नहीं हो रही थी, स्कूल पूर्णता बंद देखा जा रहा था। ऐसा नहीं था कि संकुल को इसकी जानकारी ना हो, वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी ना हो मगर उन्हें उन बच्चों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं था। जब घातक रिपोर्टर में खबर प्रकाशन हुई तब जाकर स्कूल के ताले खोले गए हैं।

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