SSP के ड्राइवर और लेडी कॉन्सटेबल के अफेयर में हुआ ट्रिपल मर्डर, ड्राइवर ने की कॉन्सटेबल सहित मां-बेटी की हत्या। - Ghatak Reporter

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Wednesday, July 27, 2022

SSP के ड्राइवर और लेडी कॉन्सटेबल के अफेयर में हुआ ट्रिपल मर्डर, ड्राइवर ने की कॉन्सटेबल सहित मां-बेटी की हत्या।

SSP के ड्राइवर और लेडी कॉन्सटेबल के अफेयर में हुआ ट्रिपल मर्डर, ड्राइवर ने की कॉन्सटेबल सहित मां-बेटी की हत्या।

SSP के ड्राइवर और लेडी कॉन्सटेबल के अफेयर में हुआ ट्रिपल मर्डर, ड्राइवर ने की कॉन्सटेबल सहित मां-बेटी की हत्या।

झारखंड। जमशेदपुर के एक घर से तीन लोगों की लाश मिली, वो लाशें एक लेडी कॉन्सटेबल, उसकी मां और बेटी की थी। अब चूंकि कत्ल एक पुलिसवाली और उसके परिजनों का हुआ था, लिहाजा पुलिस फौरन कातिल की तलाश में जुट जाती है। मगर जब कातिल का चेहरा सामने आया तो पुलिस विभाग ही नहीं बल्कि खुद पुलिस कप्तान भी हैरान रह गए। जमशेदपुर पुलिस लाइन में रहनेवाले एक परिवार के तीन लोग पिछले दो-तीन दिनों से अचानक कहीं गायब हो गए थे। हालांकि उनके घर में ताला लगा हुआ था, लेकिन फिक्र की बात ये थी की बंद घर से तेज बदबू आ रही थी। आस-पास के लोगों ने किसी अनहोनी के शक में उस परिवार के नाते-रिश्तेदारों को खबर दी और फिर पुलिस को जानकारी दी गई।

आनन-फानन में पुलिस मौके पर पहुंची और फ्लैट का ताला तोड़ा गया, लेकिन अंदर का मंजर डरानेवाला था। घर के अंदर तीन लाशें पड़ी थीं, यहां रहनेवाली पुलिस महिला पुलिस कांस्टेबल सविता हेंब्रम की, उसकी बुजुर्ग मां लकिया मुर्मू की और उसकी 13 साल की बेटी गीता हेंब्रम की लाश। लाशों के पास खून की धार बह कर सूख चुकी थी और लाशों को देख कर भी लग रहा था कि कत्ल दो से तीन दिन पहले किए गए हैं। बहरहाल, पुलिस ने लाशों को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया और मामले की छानबीन शुरू कर दी। चूंकि वारदात में मारी गई सविता हेंब्रम का ताल्लुक खुद ही पुलिस महकमे से था, पुलिस को उसके बारे में जानकारी जुटाने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। सविता के पति की 14 साल पहले एक नक्सली हमले में मौत हो गई थी और पति के मौत के बाद ही उसे पुलिस की नौकरी मिली थी। सविता इन दिनों जमशेदपुर के एसएसपी ऑफिस में ही तैनात थी।

SSP के ड्राइवर और लेडी कॉन्सटेबल के अफेयर में हुआ ट्रिपल मर्डर, ड्राइवर ने की कॉन्सटेबल सहित मां-बेटी की हत्या।

पुलिस छानबीन के दौरान पता चला कि सविता जमशेदपुर के एसएसपी प्रभात कुमार के ड्राइवर रामचंद्र सिंह जामुदा से प्यार करती थी। हालांकि रामचंद्र सिंह जामुदा पहले से ही शादीशुदा था, लेकिन इसके बावजूद सविता के उसके साथ ना सिर्फ अच्छे रिश्ते थे, बल्कि कई बार तो वो रात को सविता के फ्लैट पर ही रुक जाया करता था। लेकिन हैरानी की बात ये थी कि इतना करीब होने के बावजूद रामचंद्र जामुदा को सविता की मौत की कोई खबर नहीं थी और वो सविता और उसके पूरे परिवार की मौत से बेखबर एक नॉर्मल लाइफ जी रहा था, एसएसपी के साथ ड्राइवर की ड्यूटी भी कर रहा था। पुलिस को इस बात पर थोड़ी हैरानी हुई, पुलिस ने जामुदा के मोबाइल नंबर की डिटेल निकाली। छानबीन हुई तो शक और गहरा गया।

रामचंद्र 19 जुलाई से पहले लगातार सविता से फोन पर बात कर रहा था, लेकिन 19 जुलाई के बाद से दोनों की बातचीत अचानक बंद हो गई थी और इतेफाक से यही वो तारीख थी, जिसके बाद किसी ने सविता को नहीं देखा था। अब पुलिस ने बिना देर किए एसएसपी के ड्राइवर रामचंद्र जामुदा को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी। पहले तो रामचंद्र ने तमाम सच्ची-झूठी कहानियां सुनाईं, लेकिन बाद में उसने कबूल कर लिया कि ये तीनों कत्ल उसी ने किेए थे। 19 जुलाई की रात को वो सविता के घर पहुंचा था। वहीं उसकी सविता से लड़ाई हुई, जिसके बाद उसने आधी रात पहले तो गाड़ी के लिवर से वार कर सविता की जान ली और फिर जब मां की चीख सुन कर सविता की 13 साल की बेटी गीता उसे बचाने के लिए आई, तो रामचंद्र ने उसी गियर लिवर से वार कर गीता की भी जान ले ली और आखिरकार सबूत मिटाने के लिए उसने सविता की बुजुर्ग मां को भी मार डाला।

SSP के ड्राइवर और लेडी कॉन्सटेबल के अफेयर में हुआ ट्रिपल मर्डर, ड्राइवर ने की कॉन्सटेबल सहित मां-बेटी की हत्या।

कत्ल के बाद रामचंद्र रात भर तीन-तीन लाशों के साथ ही फ्लैट में छुपा रहा। वो सुबह होने का इंतजार भी कर रहा था और इस मामले से बचने का भी। सुबह होते-होते वो घर से निकला और उसने घर में रखी चाबी से ही फ्लैट को बाहर से लॉक कर दिया। इसके बाद वो खून से सना गियर लिवर और अपने खून से सने कपड़ों के साथ सीधे शहर के दोमुहानी इलाके में पहुंचा, जहां उसने नदी में नहाने के साथ ही अपने कपड़े बदले और फिर वहां से घर चला गया। हैरानी की बात ये रही कि सुबह कुछ देर बाद ही वो तैयार हो कर फिर से अपनी ड्यूटी पर हाजिर हो गया और एसएसपी की गाड़ी चलाता रहा। हालांकि जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, तो उसने ना सिर्फ अपना जुर्म कबूल कर लिया, बल्कि उसकी निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल किया गया गियर लिवर और खून से सने कपडे भी बरामद कर लिए।

लेकिन अब सबसे बडा सवाल ये था कि आखिर रामचंद्र सिंह जामुदा की अपनी गर्लफेंड सविता से ऐसी क्या नाराजगी थी? दोनों के बीच उस रात लडाई क्यों हुई? तो जब जांच आगे बढी तो इसका जवाब भी सामने आया। पुलिस के मुताबिक, सविता की मुलाकात कुछ महीने पहले सुंदर टुडू नाम के एक दूसरे लडके से हो गई थी और वो रामचंद्र से कटी-कटी रहने लगी थी, उसकी सुंदर से लंबी बात होती थी। रामचंद्र को इस बात की खबर थी और वो सुंदर से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या करना चाहता था। 19 जुलाई की रात को सुंदर सविता के घर आनेवाला था और रामचंद्र वहां पहले ही पहुंच गया था, ताकि वो सुंदर की जान ले सके। लेकिन किसी वजह से सुंदर उस रात नहीं पहुंचा और रामचंद्र की सविता से सुंदर को लेकर लड़ाई शुरू हो गई, जिसके बाद एक-एक कर उसे तीन कत्ल कर डाले।

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